

Mumbai Water Crisis Dam Storage News: मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले बांधों में उपलब्ध उपयोगी जल भंडार चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है और यह घटकर मात्र 8.68 प्रतिशत रह गया है। मुंबईवासियों की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बीएमसी ने एक बड़ा निर्णय लिया है।
जल भंडार में लगातार कमी के कारण शहर में पानी की किल्लत न हो। इसके लिए सोमवार से बीएमसी को राज्य सरकार से प्रतिदिन 1650 मिलियन लीटर (एमएलडी) अतिरिक्त पानी मिलेगा। वहीं, फिलहाल मुंबई में लागू पानी कटौती के प्रतिशत को बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
जल अभियंता विभाग द्वारा 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष बांधों में पानी का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। पिछले वर्ष इसी अवधि में बांधों में 25.87 प्रतिशत पानी उपलब्ध था, जबकि इस वर्ष यह घटकर केवल 8.68 प्रतिशत रह गया है।
मानसून की धीमी शरुआत के कारण बांध क्षेत्रों में जलस्तर लगातार गिर रहा है। गंभीर स्थिति यह है कि अपर वैतरणा डैम का उपयोगी जल भंडार पूरी तरह समाप्त हो चुका है और यह शुन्य प्रतिशत पर पहुंच गया है।
भंडार के इस चिंताजनक आंकड़े के सामने आने के बाद मुंबई पर जल संकट की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मुंबईवासियों को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने मिडल वैतरणा और भातसा डैम के आरक्षित जल भंडार का उपयोग करने की अनुमति बीएमसी को दे दी है।
इसके तहत मुंबई को इन बांधों से प्रतिदिन 1650 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा, पानी कटौती बढ़ाने के बजाय राज्य सरकार के कोटे से अतिरिक्त पानी लेकर मुंबई की जरूरत पूरी करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त पानी मिलने से फिलहाल शहर की जलापूर्ति सुचारु रूप से जारी रखी जा सकेगी, हालांकि, जब तक डैम के क्षेत्रों में अच्छी और लगातार बारिश नहीं होती, तब तक मुंबईवासियों से पानी का अत्यंत सावधानी के साथ उपयोग करने की अपील की गई है।
मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले प्रमुख बांधों में शामिल अपर वैतरणा डैम का उपयोगी जल भंडार पूरी तरह समाप्त हो गया है और यह शून्य प्रतिशत पर पहुंच गया है। बांध का जलस्तर न्यूनतम स्तर से नीचे चले जाने के कारण इसका उपयोगी भंडार शून्य माना गया है।