मुंबई में SRA प्रोजेक्ट्स से 1.75 लाख लोगों को मिलेगा घर, अतिक्रमण पर सख्ती के निर्देश

Mumbai SRA Projects News: मुंबई में SRA प्रोजेक्ट्स के जरिए 1.75 लाख झुग्गीवासियों को घर देने की तैयारी है। मंत्री आशीष शेलार ने अतिक्रमण रोकने और लंबित प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के निर्देश दिए।
Ashish Shelar On Mumbai SRA Projects
मुंबई एसआरए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स अपडेट (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai SRA Projects Housing Slum Redevelopment: मुंबई उपनगर जिले के पालक मंत्री एड आशीष शेलार की अध्यक्षता में सोमवार को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और इन जमीनों पर एसआरए प्रोजेक्ट्स पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

सभी एसआरए प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद 1 लाख 75 हजार योग्य स्लम में रहने वालों को घर मिलेंगे। मंत्री शेलार ने प्रशासन को स्लम एसआरए स्कीम में आने वाली रुकावटों को दूर करने और आगे अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए हैं। 2016 के सर्वे के अनुसार, मुंबई उपनगर जिले में लगभग 4,194 एकड़ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है।

एसआरए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा

इन जमीनों का मालिकाना हक राज्य सरकार, मुंबई बीएमसी, म्हाडा और केंद्र सरकार के पास है। इस मौके पर सरकारी जमीन पर चल रहे एसआरए प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। अभी, 87।79 लाख स्क्वेयर मीटर पर 926 एसआरए प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इनमें से 160 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। 322 प्रोजेक्ट चालू हैं और 114 रुके हुए हैं। इस तरह 330 प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं।

मुंबई में अवैध अतिक्रमणों को रोकेगा 'नेत्रम'

  • इन सभी प्रोजेक्ट से करीब 1 लाख 75 हजार 511 पात्र झुग्गी-झोपड़ी वालों को घर मिलेंगे। इसके लिए करीब 1,04,892 प्रोविजनल पीएपी घर और करीब 23,009 घर मिलेंगे, जिसमें 2,416 पक्के ट्रांजिट कैंप शामिल हैं। मीटिंग में इन सभी प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति और समस्याओं की समीक्षा की गई।
  • पात्र लाभार्थियों को जल्द घर दिए जाएगे। एड। शेलार ने निर्देश दिए कि भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए संबंधित एजेंसियां तालमेल से काम करें। प्रधानमंत्री गति शक्ति अभियान के तहत अवैध अतिक्रमणों की जानकारी लेने के लिए 'नेत्रम' नाम का कंप्यूटर सिस्टम बनाया गया है।
  • सैटेलाइट इमेज के जरिए अतिक्रमणों पर नजर रखी जाती है। साथ ही, अगर अतिक्रमण पाया जाता है, तो संबंधितों को इसकी जानकारी दी जाती है। अतिक्रमण रोकने के लिए यह सिस्टम जरूरी है। 'नेत्रम' के माध्यम से मिली जानकारी के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
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