मुंबई में बढ़ी इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की मांग, 5 साल में जारी हुए 95 हजार से ज्यादा IDP

Mumbai RTO International Driving Permit: विदेश यात्रा, नौकरी और उच्च शिक्षा के बढ़ते अवसरों के बीच मुंबई महानगर क्षेत्र में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की मांग तेजी से बढ़ी है।
Mumbai RTO International Driving Permit Demand News
मुंबई इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai RTO International Driving Permit Demand News: मुंबई महानगर क्षेत्र में विदेश यात्रा का बढ़ता ट्रेंड अब अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट की मांग में भी साफ दिखाई देने लगा है।

मुंबई महानगर क्षेत्र के विभिन्न आरटीओ कार्यालयों ने पिछले पांच वर्षों में करीब 95,935 इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट जारी किए हैं। इनमें मुंबई सेंट्रल आरटीओ 27,657 परमिट जारी कर सबसे आगे रहा, जबकि अंधेरी और बोरीवली आरटीओ भी शीर्ष स्थानों पर रहे।

विदेश यात्रा के बढ़ते ट्रेंड का असर

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अमेरिका, कनाडा, दुबई, जापान और यूरोपीय देशों की बढ़ती यात्राओं के कारण अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं 'सारथी' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आसान होने से भी बड़ी संख्या में लोग अब इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट बनवा रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई सेंट्रल आरटीओ ने सबसे अधिक 27,657 अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट जारी किए हैं। इसके बाद अंधेरी आरटीओ का स्थान रहा, जहां 26,101 परमिट जारी किए गए। बोरीवली आरटीओ ने 20,017 लाइसेंस जारी किए, जबकि वडाला आरटीओ ने 13,597 और ठाणे आरटीओ ने 8,563 अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट जारी किए।

बढ़ सकती है और मांग

विदेश यात्रा में आई तेजी और वैश्विक रोजगार व शिक्षा के अवसर बढ़ने से अगले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट की मांग और बढ़ सकती है। मुंबई में बढ़ती वैश्विक आवाजाही ने इस विभाग के कामकाज में भी बड़ा बदलाव ला दिया है।

लंबा प्रवास करने वालों के लिए अहम

अधिकारियों का कहना है कि काम, उच्च शिक्षा, पर्यटन और लंबे समय के प्रवास के लिए विदेश जाने वाले मुंबईकरों की बढ़ती संख्या ने इन आंकड़ों में तेजी से वृद्धि की है। परिवहन विभाग के मुताबिक, अमेरिका, कनाडा, दुबई, जापान और कई यूरोपीय देश अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट लेने वालों के प्रमुख गंतव्य बने हुए है। यह परमिट भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को उन देशों में वाहन चलाने की कानूनी अनुमति देता है, जहां अंतरराष्ट्रीय सड़क यातायात नियमों के तहत इस दस्तावेज को मान्यता प्राप्त है। विदेश में लंबे समय तक रहने या नौकरी करने वाले लोगों के लिए यह परमिट बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

आरटीओ के चक्कर लगाने की जरूरत हुई कम

अधिकारियों ने बताया कि आईडीपी आवेदनों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण परिवहन विभाग द्वारा शुरू की गई डिजिटल और सरल आवेदन प्रक्रिया भी है। अब आवेदक 'सारथी' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिससे आरटीओ कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हो गई है।

नई प्रक्रिया के तहत आवेदकों को अपना वैध ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं। इसके बाद केवल अंतिम सत्यापन के लिए संबंधित आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट जारी कर दिया जाता है।

आवेदन की प्रक्रिया हुई और पारदर्शी

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इस डिजिटल प्रक्रिया को यात्रियों के लिए बड़ी राहत बताया है। एक अधिकारी के अनुसार, ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान हो गई है। अब अधिकांश औपचारिकताए घर बैठे पूरी हो जाती हैं, जिससे समय की बचत हो रही है।

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