

मुंबई के रानी बाग में जल्द आएंगे गुजरात से 4 एशियाई शेर।
बदले में गुजरात को 3 जोड़े टफ्टेड कैपुचिन बंदर दिए जाएंगे।
एमओयू और अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया तेज, शेरों के लिए बाड़ा तैयार।
Asiatic Lions Mumbai Rani Baug Byculla Zoo: मुंबईकरों के लिए एक बड़ी और बेहद सुखद खबर सामने आई है। भायखला स्थित ऐतिहासिक वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और चिड़ियाघर यानी रानी बाग में जल्द ही पर्यटकों को एशियाई शेरों की शानदार दहाड़ सुनने का मौका मिलेगा। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े इस बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को अब आखिरकार प्रशासनिक मोर्चे पर तेजी से गति मिलती हुई साफ नजर आ रही है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने जूनागढ़ स्थित प्रसिद्ध सक्करबाग प्राणि संग्रहालय और रानी बाग के बीच आपसी सहमति के आधार पर समझौता ज्ञापन यानी एमओयू करने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं।
दरअसल, मुंबई शहर की महापौर ने हाल ही में गांधीनगर पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल से एक विशेष मुलाकात की थी। इस उच्चस्तरीय और अहम बैठक के दौरान इस वन्यजीव आदान-प्रदान प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई, जो परिणाम के लिहाज से बेहद सकारात्मक साबित हुई।
इस विशेष एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तय नियमों के तहत गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर से मुंबई को एशियाई शेरों के कुल दो जोडे यानी दो नर और दो वयस्क मादा शेर सौंपे जाएंगे इसके बदले में मुंबई का रानी बाग तीन जोड़े दुर्लभ टपटेड कैपुचिन बंदर गुजरात के चिड़ियाघर को देगा। दोनों ही चिड़ियाघर इस वन्यजीव विनिमय कार्यक्रम को लेकर पहले ही आपसी सहमति जता चुके है।
महापौर ने इस सिलसिले में गुजरात के वन राज्यमंत्री प्रवीणकुमार माली से भी व्यक्तिगत मुलाकात की और शेरों के इस विशेष दल को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द मुंबई भेजने के वास्ते वन विभाग को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया, जिस पर मंत्री ने तुरंत प्रधान सचिव को त्वरित कार्रवाई के आदेश दे दिए है।
सबसे राहत और खुशी की बात यह है कि केंद्रीय प्राणि संग्रहालय प्राधिकरण यानी सीजेडए द्वारा पहले ही स्वीकृत मास्टर प्लान के मुताबिक रानी बाग परिसर में एशियाई शेरों के रहने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप एक बेहद अत्याधुनिक और सुरक्षित बाड़ा पूरी तरह से तैयार किया जा चुका है।
अब केवल गुजरात सरकार की अंतिम औपचारिक मंजूरी और दोनों चिड़ियाघरों के बीच समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने का इंतजार बाकी है, जिसके पूरा होते ही शेरों के सपनों की नगरी मुंबई शहर पहुंचने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने तुरंत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सभी जरूरी मंजूरी की औपचारिकताएं समय पर पूरी करने और एमओयू का सटीक ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को गुजरात सरकार की तरफ से औपचारिक मंजूरी का पत्र और अंतिम समझौते का मसौदा जल्द ही मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।