‘आई लव मोहम्मद’ पर पोस्टरवार! मुंबई में लगे 'बुलडोजर बाबा' और 'देवाभाऊ' के बैनर

Mumbai Politics: मुंबई में 'आई लव मोहम्मद' विवाद के बीच, अंधेरी में योगी आदित्यनाथ 'बुलडोजर बाबा' और देवेंद्र फडणवीस 'देवाभाऊ' के समर्थन में पोस्टर लगे हैं।
Mumbai Politics
‘आई लव मोहम्मद’ पर पोस्टरवार! मुंबई में लगे 'बुलडोजर बाबा' और 'देवाभाऊ' के बैनर
Published on
Updated on

Mumbai News: ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर जारी विवाद के बीच अब मुंबई में भी पोस्टरबाज़ी देखने को मिल रही है। मुंबई के अंधेरी इलाके में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ और ‘आई लव देवाभाऊ’ जैसे नारे लिखे गए हैं। योगी आदित्यनाथ के पोस्टर में उन्हें ‘बुलडोजर बाबा’ कहा गया है, वहीं देवेंद्र फडणवीस के पोस्टर में ‘आई लव देवाभाऊ’ के साथ बुलडोजर की तस्वीर भी जोड़ी गई है।

इन पोस्टरों में विकास और निर्णायक नेतृत्व की छवि को सामने लाया गया है। पोस्टर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आगामी बीएमसी चुनाव में धार्मिक मुद्दे भी प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।

पोस्टर में योगी आदित्यनाथ को 'बुलडोज़र बाबा' दिखाते हुए कानून व्यवस्था और माफिया पर कार्रवाई की छवि को उभारा गया है, जबकि फडणवीस के पोस्टर में उन्हें ‘देवाभाऊ’ कहते हुए विकासशील और सशक्त नेतृत्व के रूप में दर्शाया गया है।

महायुति और महाविकास आघाड़ी की तैयारियां तेज

बीएमसी चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 31 जनवरी 2026 तक स्थानीय निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महायुति गठबंधन, जिसमें बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी शामिल हैं। एक साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में अब तक गठबंधन को लेकर पूरी सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या राज ठाकरे की मनसे भी महाविकास आघाड़ी का हिस्सा बनेगी।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना, राज ठाकरे की मनसे के साथ मिलकर मैदान में उतर सकती है। वहीं कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी के साथ या फिर अकेले चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। मुंबई में बीएमसी चुनाव को लेकर सभी दल पूरी तरह से सक्रिय हो चुके हैं, और यह साफ है कि चुनाव इस बार सिर्फ विकास नहीं, बल्कि पोस्टर और छवियों की राजनीति के इर्द-गिर्द भी घूमेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com