रक्षक ही बने भक्षक! मुंबई में पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल चोरी के आरोप में जेल पहुंचे
Maharashtra News: मुंबई में कानून के रखवाले ही कटघरे में खड़े हो गए हैं। आरसीएफ पुलिस स्टेशन में तैनात एक अधिकारी समेत चार पुलिसकर्मियों को रंगदारी और चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई पुलिस (pic credit; social media)
Mumbai News In Hindi: मुंबई में एक बार फिर पुलिस की वर्दी शर्मसार हो गई, जहां रक्षक ही भक्षक बन गए और कानून के रखवाले खुद कटघरे में खड़े हो गए।
आरसीएफ पुलिस स्टेशन ने अपने ही एक पुलिस अधिकारी और तीन कर्मचारियों के खिलाफ रंगदारी व चोरी का मामला दर्ज किया है। इन चारों को बीती रात गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें 28 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जहां आगे की पूछताछ की जा रही है।
आरोपियों की पहचान आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीसी) के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर विजय सुतार, कांस्टेबल योगेश खंडगे, नेमाने और पेटकर के रूप में हुई है। ये चारों आरसीएफ पुलिस स्टेशन में तैनात थे और आतंकवाद विरोधी प्रकोष्ठ की इकाई के सदस्य थे।
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रक्षक ही बने भक्षक हड़प लिए चोरी के सामान
- पुलिस सूत्रों की माने तो इन्हें विभाग से सस्पेंड कर दिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरा घटनाक्रम एक बांग्लादेशी नागरिक के खिलाफ चलाए गए विशेष ऑपरेशन से जुड़ा है।
- पुलिस टीम ने छापेमारी की और मौके से नकदी, सोने के गहने तथा अन्य कीमती सामान बरामद किया था।
- लेकिन जांच में पता चला कि बरामदगी का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं रखा गया था। कई महंगी वस्तुएं गायब पाई गई। इन पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने ऑपरेशन के दौरान ही चोरी की और सामान हडप लिया है।
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सबूत के आधार पर गिरफ्तारी
मामला तब सामने आया जब एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता ने उच्च पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की। पुलिस आयुक्त (जोन-6) समीर शेख ने जांच का जिम्मा चेंबूर पुलिस स्टेशन को सौंपा।
सबूतों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान मिले सबूतों और बयानों के आधार पर मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए तारिक खान की रिपोर्ट
