मुंबई की 25 हजार इमारतों को ओसी देने का प्रस्ताव अटका, स्थायी समिति ने उठाए कई सवाल
Mumbai Occupation Certificate: मुंबई में 25,000 से अधिक बिना ओसी वाली इमारतों को राहत देने की योजना फिलहाल अटक गई है। स्थायी समिति ने प्रस्ताव पर कई सवाल उठाते हुए इसे दोबारा प्रशासन के पास भेज दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट प्लान (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Occupation Certificate News: राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने 22 जून 2026 को शहर में 17 दिसंबर 2016 के बाद निर्मित 800 वर्ग फीट तक की इमारतों को अधिभोग प्रमाणपत्र (ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट-ओसी) देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए इसे गुरुवार को स्थायी समिति के समक्ष रखा गया। हालांकि समिति के सदस्यों ने इस पर कई आपत्तियां और सवाल उठाए। इसके बाद समिति अध्यक्ष ने प्रस्ताव को फिलहाल प्रशासन के पास भेज दिया।
इससे फिलहाल इमारतों को ओसी मिलने में देर लग सकती है। बता दें कि मुंबई में लगभग 25,000 ऐसी इमारतें हैं, जिनमें लोग रह रहे हैं, लेकिन उनके पास अब तक ओसी नहीं है। बताया जाता है कि इसकी मुख्य वजह बिल्डरों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन न करना, लंबित अनुमतियां, नियमों का उल्लंघन या स्वीकृत इमारत योजनाओं से किए गए विचलन हैं।
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ओसी के अभाव में निवासियों को संपत्ति से जुड़ी विभिन्न सेवाएं और सरकारी मंजूरियां प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जबकि तकनीकी रूप से बिना ओसी के किसी इमारत में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
राज्य सरकार के निर्देश के बाद बीएमसी ने इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और कार्यान्वयन दिशानिर्देश तैयार किए। हालांकि, जनप्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।
80 वर्गमीटर के फ्लैटों को मिलेगा लाभ
19 फरवरी 2026 को आयोजित बैठक में नगरसेवकों ने माग की कि 80 वर्गमीटर तक के फ्लैटों की सीमा समाप्त कर सभी आकार के फ्लैटों को योजना का लाभ दिया जाए, साथ ही केवल स्कूलों और अस्पतालों तक सीमित रखने के बजाय सभी व्यावसायिक इमारतों को भी योजना में शामिल किया जाए। इसके अलावा स्वीकृत भवन योजनाओं वाले सभी आवासीय इमारतों को ओसी के लिए पात्र बनाने की माग भी की गई।
प्रस्तावित नई योजना के तहत 17 नवंबर 2016 से पहले उपयोग में आ चुके तथा नियोजन प्राधिकरण से वैध मंजूरी प्राप्त आवासीय इमारतों, अस्पतालों और स्कूलों को शामिल किया जाएगा, हालांकि रियायतों का लाभ केवल 80 वर्ग मीटर तक के कारपेट क्षेत्र वाले आवासीय फ्लैटों को मिलेगा।
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1991 से पहले शुरू की थी योजना
मुंबई में बड़ी संख्या में ऐसी आवासीय इमारतें है, जिनमें लोग वर्षों से रह रहे हैं, लेकिन बिल्डरों की लापरवाही, अधूरी औपचारिकताओं या स्वीकृत नक्शों से मामूली विचलन के कारण उन्हें आज तक ओसी नहीं मिल सका। ऐसे ही फ्लैट धारकों को राहत देने के उद्देश्य से बीएमसी ने 25 मार्च 1991 से पहले इमारतों के लिए ओसी माफी से संबंधित योजना शुरू की थी।
