

मोतीलाल नगर के 3,702 परिवारों को 1,600 वर्ग फुट के मुफ्त फ्लैट मिलेंगे।
म्हाडा दो हफ्तों में आवास समझौते का कानूनी ड्राफ्ट तैयार करेगी।
बीडीडी चॉल के 557 परिवारों को 6 नवंबर को फ्लैट की चाबियां सौंपी जाएंगी।
MHADA Mumbai Housing project: गोरेगांव पश्चिम स्थित मोतीलाल नगर के कायाकल्प को लेकर म्हाडा ने अहम फैसला लिया है। इस तरह 3,700 से अधिक पात्र परिवारों के लिए 1,600 वर्ग फुट के बड़े और आलीशान फ्लैट देने का रास्ता साफ हो है। निवासियों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देने के लिए म्हाडा अगले दो हफ्तों में स्थायी वैकल्पिक आवास समझौते यानी (परमानेंट अल्टरनेटिव एकोमडेशन एग्रीमेंट) का लीगल ड्राफ्ट तैयार करेगी।
इसके बाद अंतिम मंजूरी के बाद सीधे जनता के सामने रखेगी। इससे दशकों से अपने आशियाने के नवीनीकरण का सपना देख रहे हजारों रहवासियों को बिना किसी बेघर होने के डर के नया जीवन मिल सके। करीब 143 एकड़ भूखंड पर फैले मोतीलाल नगर का कायाकल्प निर्माण व विकास एजेंसी के माध्यम से एक सुनियोजित क्लस्टर योजना के तहत किया जा रहा है।
परियोजना के तहत 3,702 पात्र आवासीय परिवारों को म्हाडा की ओर से 1,600 वर्ग फुट कारपेट एरिया का आधुनिक फ्लैट पूरी तरह मुफ्त दिया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र के 328 पात्र व्यावसायिक दुकानदारों को 987 वर्ग फुट क्षेत्रफल की नई दुकानें आवंटित की जाएंगी। म्हाडा मुंबई बोर्ड के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरीकर के मुताबिक समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने का काम अगले दो सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे म्हाडा की विधि शाखा के पास कानूनी जांच के लिए भेजा जाएगा। कानूनी टीम की हरी झंडी मिलते ही म्हाडा के उपाध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल से अंतिम प्रशासनिक मंजूरी ली जाएगी और फिर इसे आधिकारिक तौर पर निवासियों के
एशिया की सबसे बड़ी शहरी पुनरुद्धार परियोजना के तहत एनएम जोशी मार्ग-लोअर परेल बीडीडी चॉल के 557 पात्र परिवारों के अपने बड़े घर का सपना आखिरकार साकार होने जा रहा है। पहले चरण में बनकर तैयार 3 पुनर्वसन इमारतों के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों आगामी 6 नवंबर को यशवंतराव चव्हाण सेंटर में फ्लैटों की चाबियां सौंपी जाएंगी। इस भव्य समारोह में दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
योजना को सुगम बनाने के लिए समझौते की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। म्हाडा प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाली जमीन पर पहले नई इमारतें खड़ी कर 'चाबी के बदले चाबी' की नीति पर काम होगा। इसी रणनीति के तहत सबसे पहले उपलब्ध खाली जमीन पर बहुमंजिला पुनर्वास इमारतें खड़ी की जाएंगी,
मोतीलाल नगर के निवासियों के साथ म्हाडा जल्द ही पीएएए टेका करेगी, इसके लिए पूरी तरह कानूनी और पुख्ता ड्राफ्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्थानीय नागरिकों को पूरी तरह विश्वास में लेकर ही इस परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
मिलिंद बोरीकर, मुख्य अधिकारी, म्हाडा, मुंबई बोर्ड
म्हाडा द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना में दशकों से 160 वर्ग फुट की खोली में रह रही दो से तीन पीढ़ियों को अब 500 वर्ग फुट कारपेट एरिया का आधुनिक 2 बीएचके फ्लैट पूरी तरह मुफ्त दिया जा रहा है।
भूकंपरोधी तकनीक से बनी इन 22 मंजिला इमारतों में फायर लिफ्ट, सीसीटीवी और बेसमेंट पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। म्हाडा इन इमारतों का 12 वर्षों तक मुफ्त रखरखाव भी करेगी। परियोजना स्थल पर स्थानीय नागरिकों के लिए सीधा प्रसारण देखने का विशेष प्रबंध किया गया है।
सभी रहवासियों के साथ एक साथ करार करने के बजाय निर्माण की प्रगति के अनुसार अलग-अलग चरणों में पीएएए निष्पादित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार निवासियों के मन में उठने वाली हर शंका और सवाल का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाएगा, ताकि परियोजना बिना किसी बाधा के समय पर पूरी हो सके।