Mumbai Metro-6 बिना कांजुरमार्ग डिपो के होगी शुरू, एलिवेटेड मेंटेनेंस डेक होगा देश में पहला

Maharashtra News: मुंबई की मेट्रो-6 परियोजना एक नए मॉडल के साथ शुरू होने जा रही है। कांजुरमार्ग डिपो के बिना एलिवेटेड मेंटेनेंस डेक से संचालन कर MMRDA देश में पहली बार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है।
mumbai-metro-6-without-kanjurmarg-depot-elevated-maintenance
मुंबई मेट्रो 6 (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Mumbai News In Hindi: मुंबई की ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली मेट्रो-6 अब एक बिल्कुल अलग मॉडल के साथ पटरी पर उतरने जा रही है।

स्वामी समर्थ नगर (अंधेरी पश्चिम) से विक्रोली तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर को कांजुरमार्ग कार डिपो के बिना ही शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने एक अनूठी योजना बनाई है।

विक्रोली छोर पर आठ लेन बाला एलिवेटेड मेंटेनेंस डेक, जिसमें पिट लाइन्स भी होंगी। सूत्रों के मुताबिक, यह देश में पहली बार होगा जब मेट्रो रेक्स की नियमित मेंटेनेंस और 'हॉट-स्टैंडबाय' के लिए एलिवेटेड पिट लाइन्स विकसित की जाएंगी। एमएमआरडीए स्टेशन परिसरों के पास भी, जहां संभव हो, एकल पिट लाइन जोड़ने पर विचार कर रही है।

जमीन तैयार होने में लगेंगे 3 साल

  • अधिकारियों का मानना है कि कांजुरमार्ग डिपो की जमीन पूरी तरह ऑपरेशनल होने में अभी कम से कम दो से तीन साल लगेगे, ऐसे में इस वैकल्पिक व्यवस्था से मेट्रो-6 को समय पर शुरू किया जा सकेगा।
  • एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विक्रोली छोर पर प्रस्तावित एलिवेटेड डेक पर रखरखाव की सभी बुनियादी सुविधाएं होंगी। निधर्धारित पीरियॉडिक ओवरहॉल के समय रेक्स को मानखुर्द स्थित मंडाले डिपो भेजा जाएगा। इससे डिपो पर निर्भरता घटेगी और शुरुआती संचालन बाधित नहीं होगा। मैदान पर तैयारिया तेज है।
  • जोगेश्वरी विक्रोली लिंक रोड से आगे ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के समानांतर चौड़ा एलिवेटेड डेक आकार ले रहा है। इसी क्षेत्र में कांजुरमार्ग डिपो की जमीन प्रस्तावित है। जो फिलहाल सरकारी प्रक्रियाओं में उलझी हुई है। एमएमआरडीए को यहां 15 हेक्टेयर जमीन मिल चुकी है, जबकि सहायक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त भूमि का प्रस्ताव विचाराधीन है।

आकार ले रहे हैं स्टेशन स्ट्रक्चर

सूत्रों के अनुसार, 15.31 किमी लंबे इस कॉरिडोर के लिए शुरुआती धरण में पर्याप्त रेवस उपलब्ध है, छह से आठ रेक्स के साथ 6-8 मिनट के हेडी पर सेवा शुरू की जा सकती है। मांग बढ़ने के साथ डिपो तैयार होने पर फ्लीट का विस्तार किया जाएगा।

कॉरिडोर घर कुछ स्टेशनों के लिए सरकारी, वन और निजी जमीन के छोटे-छोटे हिस्सों का अधिग्रहण अंतिम चरण में है। अंधेरी (पश्चिम), पवई (आईआईटी क्षेत्र), कांजूरमार्ग (ईईएच के पासर) और साकी विहार (एलएंडटी के पास) में स्टेशन कार्य प्रगति पर है। फुट ओवरब्रिज लैंडिंग के लिए सीमित भूमि की जरूरत शेष है। गर्डर लग चुके हैं और स्टेशन स्ट्रक्चर आकार ले रहे है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com