मुंबई लोकल के भिवपुरी-वाणगांव कारशेड 7 साल बाद भी अधूरे, 2,353 करोड़ की परियोजनाओं में देरी

Bhiwri Carshed Delay: मुंबई लोकल नेटवर्क के भिवपुरी और वाणगांव कारशेड प्रोजेक्ट 7 साल बाद भी अधूरे हैं। 2,353 करोड़ की परियोजनाओं में भूमि और वन मंजूरी की देरी बड़ी बाधा बनी है।
mumbai local bhiwri vangaon carshed project delay
मुंबई लोकल कारशेड(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Mumbai Local Train Carshed: मुंबई उपनगरीय नेटवर्क में लोकल ट्रेनों के बढ़ते बेड़े के उचित रखरखाव और मौजूदा शेडस का बोझ घटाने के लिए प्रस्तावित भिवपुरी व वाणगांव कारशेड परियोजनाएं 7 साल बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी हैं। मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन द्वारा वर्ष 2019 में मंजूर किए गए इन प्रोजेक्ट्स को भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण भारी देरी का सामना करना पड़ा है।

एमयूटीपी 3 ए के तहत 2,353 करोड़ रुपए की लागत वाले इन दोनों कारशेड का संचालन समय पर शुरू न होने से के आगामी उपनगरीय मार्गों की सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका गहरा गई है। पनवेल-कर्जत उपनगरीय कॉरिडोर के लिए अहम भिवपुरी कारशेड को लेकर 45.24 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होने के बावजूद निर्माण का मुख्य ठेका छह साल बाद अगस्त 2025 में दिया गया।

mumbai local bhiwri vangaon carshed project delay
ATM खाली, VIP दर्शन बंद! नासिक के त्र्यंबकेश्वर में बढ़ा कैश संकट, दुकानदारों का ऑनलाइन पेमेंट से इनकार

2027 की सेवाओं पर असर संभव

वर्तमान में वहां केवल मिट्टी भराई और सुरक्षा दीवार का प्राथमिक कार्य चल रहा है, जबकि निरीक्षण शेड, वॉशिंग लाइन और पुलों के नक्शों की तकनीकी मंजूरी अभी बाकी है। साल 2027 तक पनवेल-कर्जत मार्ग शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक भिवपुरी कारशेड तैयार होना मुश्किल दिखता है, जिससे लोकल के मेंटेनेंस का अतिरिक्त भार अन्य शे पर पड़ेगा।

वसई रोड टर्मिनस का काम तेज

मुंबई से सटे वसई-विरार और पालघर क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण वसई रोड रेलवे टर्मिनस परियोजना अब क्रियान्वयन चरण में पहुंच गई है। पश्चिम रेलवे ने परियोजना के प्रमुख ठेके दे दिए हैं और निर्माण कार्य तेजी से जारी है, करीब 150.25 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को मार्च 2028 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

mumbai local bhiwri vangaon carshed project delay
छत्रपति संभाजीनगर में IIA की नई कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार, वास्तुकला को नई दिशा का संकल्प

43.68 हेक्टेयर जमीन की जरूरत

दूसरी ओर विरार-डहाणू चौहरीकरण से जुड़े वाणगांव कारशेड के लिए 43.68 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, जिसमे बड़ा हिस्सा वन भूमि का है। इस परियोजना को फरवरी 2026 में पहले चरण की सैद्धांतिक वन मंजूरी तो मिल गई, लेकिन दूसरे चरण की अंतिम पर्यावरण मंजूरी अब भी अटकी हुई है। नतीजतन, वहां अब तक जमीनी काम शुरू नहीं हो सका है।

सूत्रों के मुताबिक मध्य रेल के कुर्ला, कलवा, सानपाड़ा और पश्चिम रेल के मुंबई सेंट्रल, कांदिवली व विरार कारशे पर दबाव कम करने के उद्देश्य से शुरू हुई यह योजना अब भी फाइलों और बुनियादी अड़चनों में उलझी हुई है। एमआरवीसी का दावा है कि तकनीकी मंजूरियों के साथ काम को गति दी जा रही है, परंतु वास्तविक संचालन शुरू होने में अभी लंबा वक्त लगेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com