महंगाई डायन खाए जात है! ईंधन संकट का असर अब रसोई तक, मुंबई में सब्जियां, दूध और ट्रांसपोर्ट हुआ महंगा
Mumbai Fuel Price Hike: मुंबई में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई की नई लहर पैदा कर दी है। ईंधन महंगा होने से अब सब्जियों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी असर दिखने लगा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई में पेट्रोल डीज़ल की महंगाई (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Fuel Price Hike Inflation Impact: वैश्विक कच्चे तेल के संकट की वजह से मुंबई में महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी की जेब पर बड़ा झटका दिया है। पेट्रोल की कीमत 109 रुपए प्रति लीटर के करीब और डीजल 95 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंचने से हर घर का मासिक बजट गड़बड़ाने लगा है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर अब केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि टैक्सी-ऑटो किराए, साग-सब्जियों, दूध, खाद्यान्न और रोजमर्रा के जरूरी सामानों की कीमतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से किराना दुकानदारों, डिलीवरी कारोबारियों और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
मुंबई जैसे महानगर में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें महंगाई की नई लहर लेकर आई हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब सीधे मुंबई की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है।
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शनिवार को मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। नवीनतम संशोधन के बाद मुंबई में पेट्रोल की कीमत 108.49 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.02 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है।
इससे पहले 16 मई को करीब 3 रुपए प्रति लीटर और 19 मई को लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी। इस तरह एक सप्ताह के भीतर ईंधन कीमतों में लगभग 5 रूपए प्रति लीटर तक का उछाल दर्ज किया गया है। जिससे लोग हैरत में पड़ गए हैं।
फलों व सब्जियों और खाद्यान्न पर भी असर
मुंबई के खुदरा बाजारों में परिवहन लागत बढ़ने का असर अब फल-सब्जियों और खाद्यान्न की कीमतों पर दिखाई देने लगा है। वाशी एपीएमसी और शहर के अन्य थोक बाजारों से आने वाले माल की ढुलाई महंगी होने के कारण टमाटर, आलु, प्याज, हरी सब्जियों और फलों के दाम बढ़ने लगे हैं।
किराना व्यापारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से ट्रक और मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ गया है, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। दूध, ब्रेड, खाद्य तेल और दैनिक जरूरतों के अन्य उत्पादों की कीमतों में भी आने वाले दिनों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। मुंबई के कई उपनगरीय इलाकों में पहले ही दूध और बेकरी उत्पादों के दाम बढ़ चुके है।
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डिलीवरी सेवाएं भी प्रभावित
ईंधन कीमतों में लगातार वृद्धि से मुंबई के टैक्सी और ऑटो चालक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि कमाई का बड़ा हिस्सा अब पेट्रोल और डीजल पर खर्च हो रहा है। कई ऐप आधारित डिलीवरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने भी बढ़ती ईंधन लागत पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि प्रति डिलीवरी मिलने वाली राशि पहले जैसी ही है, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय परिवहन संगठनों का मानना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो किराया बढ़ाने की मांग उठ सकती है। इसका असर रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए धीरेंद्र उपाध्याय की रिपोर्ट
