

Tukaram Mundhe Suspends Blinkit Malad Store: अगर आप भी घर बैठे झटपट ग्रोसरी मंगवाने के लिए क्विक-कॉमर्स ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है।
अपनी कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA ने मुंबई में ब्लिंकीट के एक बड़े स्टोर पर छापेमारी की है। इस रेड में जो नजारा सामने आया, उसने ऑनलाइन डिलीवरी की स्वच्छता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, एफडीए की टीम ने 7 अगस्त को मुंबई के मलाड वेस्ट (रामचंद्र लेन, सर्वोदय भवन) स्थित ब्लिंकीट के डार्क स्टोर का औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान अधिकारियों के तब होश उड़ गए जब उन्होंने ताजे फलों और सब्जियों के स्टोरेज एरिया में भारी मात्रा में कॉकरोच रेंगते हुए देखे। इतना ही नहीं, वहां साफ-सफाई के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
निरीक्षण में केवल कॉकरोच ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर खामियां भी पाई गईं, कोल्ड स्टोरेज एरिया में ऐसे खाद्य पदार्थ मिले जो या तो एक्सपायर हो चुके थे या जिनके पैकेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
स्टोर में FIFO (First-In, First-Out) और FEFO (First-Expired, First-Out) जैसे जरूरी इन्वेंट्री नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। खाद्य सामग्री को जंग लगी रैक पर और सीधे जमीन पर रखा गया था, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। वहां काम करने वाले कर्मियों के पास न तो उचित मेडिकल रिकॉर्ड थे और न ही वे स्वच्छता के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण पहन रहे थे।
इन गंभीर उल्लंघन को देखते हुए, एफडीए ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32(3) के तहत मलाड स्थित इस स्टोर का फूड लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। अब अगले आदेश तक यह स्टोर किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री या वितरण नहीं कर सकेगा। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल इसी विशिष्ट स्टोर पर की गई है, पूरे ब्लिंकीट ऑपरेशन पर नहीं।
तुकाराम मुंढे का यह क्लीनअप मिशन केवल ब्लिंकीट तक सीमित नहीं है। एफडीए ने बुलढाणा में एक रिलायंस रिटेल आउटलेट की भी जांच की, जहां काजू कतली में जिंदा कीड़े मिलने की शिकायत मिली थी। वहां से 10,238 रुपये मूल्य की काजू कतली जब्त की गई है। इसके अलावा, एक विशेष अभियान के तहत प्रशासन ने मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 93.26 लाख रुपये का माल जब्त किया है।
आईएएस तुकाराम मुंढे के इस एक्शन ने बड़े ब्रांड्स के बीच खलबली मचा दी है। जहां एक तरफ बॉम्बे हाई कोर्ट ने टिप्पणी की है कि एफडीए 'शक्ति का प्रदर्शन' कर रहा है, वहीं आम जनता इस कार्रवाई को अपनी सेहत की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी मान रही है।