इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, 1816 किलो पनीर और मावा जब्त; 4.72 लाख का माल सीज

Food Safety Department Action Indore: डेयरी एनालॉग पर बैन के बाद इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन। पालदा, महू और नंदा नगर में छापेमारी कर 1,816 किलो पनीर व मावा जब्त।
Indore food safety department seizes 1816 kg paneer and mawa
इंदौर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Paneer and Mawa Seized In Indore: मध्य प्रदेश शासन के डेयरी एनालॉग खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध के आदेश के बाद इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण करते हुए करीब 1,816 किलो पनीर और मावा जब्त किया है।

जब्त खाद्य पदार्थों की अनुमानित कीमत 4.72 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, पालदा स्थित एक पनीर निर्माण इकाई का काम तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया है।

पालदा में 450 किलो पनीर जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पालदा स्थित उमापति इंडस्ट्रीज का निरीक्षण किया। यहां लो-फैट पनीर का निर्माण और पैकिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान ड्रेनेज और साफ-सफाई व्यवस्था में खामियां मिलीं। रॉ मटेरियल का भंडारण भी व्यवस्थित नहीं था। इसके अलावा न्यूट्रीशनल इन्फॉर्मेशन और निर्माण में इस्तेमाल पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। टीम ने पनीर का सैंपल जांच के लिए लिया और करीब 450 किलो पनीर, जिसकी कीमत करीब 1.17 लाख रुपये है, जब्त कर लिया। निर्माण के लिए आवश्यक परिस्थितियां नहीं मिलने पर इकाई का काम तत्काल बंद कराया गया।

नारायण डेयरी से 350 किलो पनीर जब्त

महू तहसील के ग्राम अकवी स्थित नारायण डेयरी में भी कार्रवाई की गई। यहां पनीर के तीन नमूने लिए गए। डेयरी एनालॉग होने की आशंका के चलते करीब 350 किलो पनीर, जिसकी कीमत करीब 1.05 लाख रुपये है, जब्त किया गया है।

मावा भंडार और ट्रेडिंग फर्म पर भी कार्रवाई

नंदा नगर स्थित मोहनी मावा भंडार से करीब 716 किलो डेयरी एनालॉग मावा जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है। वहीं, भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग से करीब 300 किलो मावा, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है, जब्त किया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने जांच के लिए भेजे

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी मामलों में खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित आदेशों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डेयरी एनालॉग और वास्तविक दुग्ध उत्पाद का आभास कराने वाले गैर-दुग्ध खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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