मुंबई में त्योहारों के दौरान प्रदूषण पर चिंता, ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग

Green Crackers Pollution In Mumbai: आवाज फाउंडेशन ने मुंबई में 17 ग्रीन पटाखों की जांच में जहरीले रसायन और QR कोड संबंधी खामियां मिलने का दावा किया है। संगठन ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Mumbai Fake Green Crackers Pollution And QR Code Controversy
फर्जी ग्रीन पटाखों पर एक्शन(सोर्स: AI)
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Highlights

  • आवाज फाउंडेशन के अनुसार, 17 पटाखों की जांच में जहरीले रसायन और QR कोड की खामियां मिलीं।

  • संगठन ने फर्जी ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की।

  • नवरात्रि और अन्य त्योहारों में लाउडस्पीकर व लेजर लाइट पर भी सख्ती की मांग की गई।

Mumbai Pollution And QR Code Controversy: आगामी त्योहारों के दौरान पटाखों, लाउडस्पीकर और लेजर लाइट से होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। आवाज फाउंडेशन ने 17 पटाखों की जांच कराई है, जिसमें से कई में बेरियम समेत जहरीले रसायन मिले हैं, जबकि कुछ पर क्यूआर कोड तक गायब थे।

साथ ही कुछ के कोड फर्जी पाए गए। इसकी गंभीरता को देखते हुए फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फर्जी ‘ग्रीन पटाखों’ की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फाउंडेशन के अनुसार मुंबई पुलिस के आदेश से जनवरी 2027 तक सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद बाजार में कथित तौर पर फर्जी क्यूआर कोड वाले और खतरनाक रसायनों से युक्त पटाखे बिक रहे हैं।

आवाज फाउंडेशन ने पटाखों की जांच कराई

आवाज फाउंडेशन ने 9 और 10 अक्टूबर को मोहम्मद अली रोड और कुर्ला से पटाखे खरीदकर उनकी रासायनिक जांच कराई। जांचे गए 17 पटाखों में से कई में बेरियम की अधिक मात्रा सहित जहरीले रसायन पाए गए। सभी पर ‘ग्रीन क्रैकर्स’ का लेबल था, लेकिन कुछ पर क्यूआर कोड नहीं मिले, जबकि कुछ के कोड जांच में फर्जी पाए गए।

फाउंडेशन ने मांग की है कि पटाखों के वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए। पुलिस और बीएमसी को लाइसेंस प्राप्त बिक्री केंद्रों की निगरानी कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को लिखे पत्र में फाउंडेशन ने मुंबई की वायु गुणवत्ता पर भी चिंता जताई है। पत्र के मुताबिक, पिछले महीने ‘अच्छी’ श्रेणी में रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक अब ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गया है। खेरवाड़ी में बुधवार सुबह एक्यूआई 101 और पीएम2.5 का स्तर 103 दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।

फाउंडेशन ने कहा कि सर्दियों में प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो सकते हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए राज्य सरकार को त्योहारों के दौरान वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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लाउडस्पीकर और लेजर लाइट पर भी लगे रोक

फाउंडेशन ने गणपति उत्सव के दौरान लाउडस्पीकर, पटाखों और लेजर लाइट के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। इस संबंध में 26 और 28 सितंबर को मुख्यमंत्री को ईमेल भेजे गए थे। अब संगठन ने नवरात्रि, माहिम मेले और अन्य त्योहारों के दौरान भी लाउडस्पीकर के साथ लेजर लाइट के इस्तेमाल पर उचित प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

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क्या है आवाज फाउंडेशन का कहना?

आवाज फाउंडेशन से सुमैरा अब्दुलअली ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए फर्जी ‘ग्रीन पटाखों’ की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाना जरूरी है। त्योहारों के दौरान पटाखों, लाउडस्पीकर और लेजर लाइट पर लागू नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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