Mumbai Drugs Network: ‘सपनों का शहर’ बना ड्रग्स हब? पुलिस की सख्ती के बावजूद नहीं थम रहा कारोबार

Mumbai Drugs Network: मुंबई में ड्रग्स का बढ़ता नेटवर्क चिंता का विषय बन गया है। सोशल मीडिया और कूरियर के जरिए सप्लाई बढ़ने से हालात गंभीर हैं, हालांकि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
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ड्रग्स की तस्करी (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Drugs Network Social Media: सपनों के शहर मुंबई अब 'ड्रग्स' की मंडी बन गया है। शहर में पिछले कुछ दिनों से ड्रग्स के बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था और आम जनता के बीच हड़कंप मचा दिया है। मुंबई की चकाचौंध के पीछे 'सफेद जहर' का काला साया गहराता जा रहा है।

मायानगरी, जो कभी सपनों का शहर कहलाती थी, अब धीरे-धीरे ड्रग्स की एक खतरनाक मंडी में तब्दील हो रही है। यह नशा अब केवल अंधेरी गलियों तक सीमित नहीं है। बल्कि शहर के पॉश इलाकों और हाई-प्रोफाइल आयोजनों में भी घुस चुका है। हालांकि मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (एएनसी) लगातार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और बड़े पैमाने पर ड्रग्स जब्त कर तस्करों की धड़पकड़ कर रही है।

Mumbai Drugs Network के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग

ड्रग्स तस्करी के लिए तस्कर अब विभिन्न आधुनिक तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। ड्रग्स माफिया ने अपनी सप्लाई चेन को बेहद आधुनिक और डिजिटल बना लिया है, अब 'मौत' की डिलीवरी के लिए किसी गुप्त मुलाकात की जरूरत नहीं पड़ती। तस्कर डार्कनेट और एन्क्रप्टेड ऐप्स के जरिए ऑर्डर लेते हैं और आम दिखने वाले पार्सल में छिपाकर नशीले पदार्थ युवाओं तक 'डोरस्टेप डिलीवरी' के रूप में पहुँचा रहे है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का भी इस काम में खुलकर इस्तेमाल हो रहा है।

फिर भी थम नहीं रहा नशे का धंधा

एंटी नारकोटिक्स सेल ने वर्ष 2025 में नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1141 मामले दर्ज किए और 1454 तस्करों को पकड़ा था। उनके पास से विभिन्न प्रकार के 857 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किया है। जबकि साल 2026 में एएनसी ने 307 मामलों में 382 नशे के सौदागरों को गिरफ्तार किया और उनके पास से विभिन्न प्रकार के करीब 50 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त किया है। ये आंकड़े बताते हैं कि पुलिस की सख्ती के बावजूद Mumbai Drugs Network का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई के बाद भी 2026 की पहली तिमाही में करोड़ों का माल पकड़ा जाना खतरे की घंटी है।

कूरियर कंपनियां भी बनेंगी 'सह-आरोपी'

सरकार और प्रशासन ने भी अब इस पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि यदि किसी कूरियर सेवा का उपयोग, ड्रग तस्करी के लिए किया जाता है। तो उस कूरियर कंपनी को भी 'सह-आरोपी' बनाया जाएगा। साथ ही, ड्रग्स से जुड़े अपराधों को अब मकोका जैसे सख्त कानून के दायरे में लाया गया है। नेस्को की घटना के बाद पुलिस ने आयोजकों की लापरवाही पर भी शिकंजा कसा है। ताकि भविष्य में 'मस्ती' के नाम पर मौत का यह खेल बंद हो सके।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए तारिक खान की रिपोर्ट

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