मुंबई में साइबर और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े, हत्या-डकैती के मामलों में कमी

Mumbai Cyber Crime Rise NCRB Report: मुंबई में साइबर अपराध और महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि हत्या, डकैती और सेंधमारी जैसे अपराधों में कमी आई है।
Mumbai Cyber Crime Rise NCRB Report Data
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mumbai Cyber Crime Rise NCRB Report Data: राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई महानगरों और राज्यों के अपराध में समग्र गिरावट देखी जा रही है। लेकिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों तथा साइबर अपराधों में वृद्धि दर्ज की गई है।

हालांकि शहर में हत्या, डकैती और घर में सेंधमारी जैसे कई पारंपरिक अपराधों में कमी आई है। लेकिन साइबर अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मुंबई पुलिस अपराधों पर नकेल कसने और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

पुलिस अधिकारियों ने जतायी सुधार की उम्मीद

पिछले दिनों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले से उम्मीद की जा रही है कि मुंबई की कानून-व्यवस्था में सुधार होगा। एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस आधारित गश्त और बार-बार अपराध करने वालों के खिलाफ निवारक कार्रवाई गंभीर अपराधों में कमी के प्रमुख कारण हैं। एक अन्य अधिकारी ने लक्षित अभियान, त्वरित आरोपपत्र दाखिल करना और तेज सुनवाई को भी सहायक बताया है।

हत्या और डकैती में कमी

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 19 महानगरों में अपराधों में 11% की गिरावट आई है। वर्ष 2024 में 8.4 लाख मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 9.4 लाख थी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी इसी अवधि के दौरान अपराध के मामलों में 5.7% की कमी दर्ज की गई। लेकिन मुंबई में कुल अपराधों में 7.1% की वृद्धि हुई है।

यहां 2024 में 70,054 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 65,441 थी। शहर में औसतन प्रतिदिन 191 अपराध दर्ज हो रहे हैं। कुल अपराधों के मामले में मुंबई दूसरे स्थान पर पहुंच गया है (2023 में पांचवें स्थान पर था), हालांकि प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध दर के मामले में यह 17वें स्थान पर है।

एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई में अपराध के मामलों में वृद्धि सख्त पुलिसिंग और बेहतर एफआईआर पंजीकरण का परिणाम भी हो सकती है। रिपोर्ट में हत्या, डकैती, चेन छीनना, डकैती का प्रयास, जबरन वसूली और घर में सेंधमारी जैसे प्रमुख आईपीसी अपराधों में कमी दर्ज की गई है।

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