Metro Stations के नाम बदलने पर मुंबई कांग्रेस का हंगामा, सिद्धिविनायक के बाहर विरोध

Mumbai Metro Stations के नाम कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर रखने के विरोध में मुंबई कांग्रेस ने सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया। वर्षा गायकवाड ने सरकार पर “कॉर्पोरेट हिंदुत्व” का आरोप लगाया।
Mumbai News: मेट्रो स्टेशनों के नाम कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर रखने के विरोध में मुंबई कांग्रेस ने सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया। वर्षा गायकवाड ने सरकार पर “कॉर्पोरेट हिंदुत्व” का आरोप लगाया।
वर्षा गायकवाड़ (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: मुंबई कांग्रेस ने मंगलवार को मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने को लेकर सिद्धिविनायक मंदिर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। मुंबई अध्यक्ष व सांसद वर्षा गायकवाड के नेतृत्व में किए गए।

आंदोलन में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने महायुति सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और चेतावनी दी कि देवताओं स महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मेट्रो स्टेशनों के नाम तुरंत बदले जाएं

वर्षा ने आरोप लगाया कि महायुति सरकार ने मेट्रो स्टेशनों के नाम प्रायोजित करके देवताओं और महापुरुषों का अपमान किया है। सिद्धिविनायक कालबादेवी, महालक्ष्मी, छत्रपति शिवाजी महाराज, आचार्य अत्रे के नाम पर स्टेशनों का नाम को बदलकर कॉर्पोरेट कंपनियों का नाम देकर भाजपा ने कॉर्पोरेट हिंदुत्व का परिचय दिया है। भाजपा सरकार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं है कि इससे हमारे देवी-देवताओं और महापुरुषों का अपमान हो रहा है। क्या महायुति सरकार, एमएमआरडीए और एमएमआरसी मेट्रो स्टेशनों के नाम प्रायोजित करके पैसा कमाने के लिए बेताब हैं?

भाजपा को गांधी व नेहरू नाम से एलर्जी

वर्षा ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज्, भारत रून डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर, आचार्य अत्रे पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू और संजय गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया है। लेकिन महायुति सरकार ने बाजार लगाकर हमारी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और परंपराओं को कंपनियों को बेच है।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की नाम किसी बैंक के नाम पर रखना, आचार्य अत्रे चौक पर किसी म्यूचुअल फंड का नाम जोड़ दिया। महाराष्ट्र के गौरव का मजाक है। भाजपा की गांधी और नेहरू नाम से एलजीं है। इसलिए नेहरू विज्ञान केंद्र स्टेशन के नाम से नेहरू और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान से संजय गांधी हटा दिया गया है।

यह सरकार कालबादेवी और शीतलादेवी स्टेशनों के नाम के लिए प्रायोजक ढूंढ रही है, जबकि हवाई अड़े पर एक कॉर्पोरेट कंपनी का नाम जोड़ने की कोशिश चल रही है। यह लड़ाई महाराष्ट्र के 13 करोड़ लोगों के सम्मान, स्वाभिमान और अस्मिता की है।

वल्लभभाई पटेल का अपमान

वर्षा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के मुंबई दौरे के दौरान भाजपा ने 'लौह पुरुष' नामक बैनर लगाकर सरदार वल्लभभाई पटेल का अपमान किया है। अमित शाह की तुलना ऐसे महान पुरूष से नहीं की जा सकती। पीएम मोदी की तुलना शिवाजी महाराज से करके महाराज का भी कई बार अपमान किया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत, सुरेश चंद्र राजहंस, कचरू यादव सहित पार्टी के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।

भावनाओं से खेलती है भाजपा

मुंबई कांग्रेस के महासचिव संदीप शुक्ला ने कहा कि भाजपा भावनाओं से खेलती रही है। गणपति बप्पा के नाम पर बने स्टेशन का नाम कॉर्परिट कंपनी को बेच देना जनभावनाओं का अपमान है, अगर सरकार को पैसा ही चाहिए, तो सीएम और डीसीएम अपने नाम के आगे किसी कंपनी का नाम जोड़ ले। महायुति सरकार ने मेट्रो-3 (एक्वा लाइन) के कुछ स्टेशनों के नाम कॉर्पोरेट कंपनियों के नाम पर रखे हैं। यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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