Mumbai Coastal Road: वर्सोवा-दहिसर कोस्टल रोड के लिए 1992 पेड़ हटाने को मंजूरी, पर्यावरण पर छिड़ी बहस

Mumbai Coastal Road Tree Cutting: मुंबई के वर्सोवा-दहिसर कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के लिए 1992 पेड़ों को हटाने की मंजूरी मिल गई है। बीएमसी का दावा है कि हजारों नए पौधे लगाए जाएंगे।
Mumbai Coastal Road Tree Cutting News
वर्सोवा दहिसर कोस्टल रोड (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Coastal Road Tree Cutting News: वर्सोवा दहिसर कोस्टल रोड के लिए कुल 1992 पेड़ काटे जाएंगे। इस प्रस्ताव को शुक्रवार को बीएमसी के वृक्ष प्राधिकरण के समक्ष मंजूरी के लिए रखा गया था, जिसके बाद विस्तृत चर्चा हुई और उसके बाद मंजूरी प्रदान कर दी गई।

बीएमसी अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें लगभग 726 पेड़ सीधे काटे जाएंगे, जबकि 1266 से अधिक पेड़ों को दूसरी जगह प्रतिरोपित किया जाएगा। बीएमसी का कहना है कि यह कदम परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जरूरी है।

कोस्टल रोड बनने से पश्चिमी उपनगरों में यातायात का दबाव कम होगा और उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बीएमसी अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि कटे हुए पेड़ों को पवई में पुनर्रोपण किया जाएगा। पवई में बीएमसी की 3.5 एकड़ की जमीन है जिस पर पुनर्रोपण किया जाएगा। इसके अलावा पनवेल में वन विभाग की 15 हेक्टेयर जमीन पर 20 हजार 330 पेड़ लगाए जाएंगे।

12 करोड़ सौंपे, 7 वर्ष की रखरखाव की जिम्मेदारी

उन्होंने बताया कि हटाए जाने वाले पेड़ों के उम्र के हिसाब से पेड़ लगाना पड़ता है। अगर एक पेड़ की उम्र 20 वर्ष है जिसको प्रोजेक्ट के लिए काटा या दूसरी जगह पुनर्रोपण किया जाएगा तो 20 नए पेड़ लगाए जाएंगे। वन विभाग को बीएमसी ने 12 करोड़ रुपये सौंपे है और 7 वर्ष की रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है।

बांगर ने बताया कि वन विभाग को नए पेड़ लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। क्योंकि वह एक्सपर्ट है और पेड़ सूखने की संभावना कम हो जाती है। पश्चिम वार्ड में 321 पेड़, पी दक्षिण में 323, पी उत्तर में 815, आर दक्षिण में 124, आर उत्तर में 182 और आर मध्य वार्ड में 148 पेड़ों को काटा जाएगा और कुछ पेड़ों को पुनर्रोपण किया जाएगा।

बाजार व उद्यान समिति की अध्यक्ष हेतल गाला ने बताया कि शुक्रवार को वृक्ष प्राधिकरण की बैठक में वर्सोवा-दहिसर कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के लिए 1992 पेड़ों को हटाया जाएगा, लेकिन पर्यावरण का पूरा खयाल रखा गया है। कई पेड़ों को पुनर्रोपण किया जाएगा।

तो मुंबई में 45 हजार नए पेड़ तैयार हो जाएंगे

  • हालांकि पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि दशकों पुराने बड़े पेड़ों की भरपाई केवल नए पौधे लगाकर नहीं की जा सकती।
  • उनका आरोप है कि मुंबई पहले ही हरित क्षेत्र की कमी, बढ़ते तापमान और जलभराव जैसी समस्याओं से जूझ रही है।
  • ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई शहर के पर्यावरण संतुलन को और प्रभावित कर सकती है। वही चीजेपी गुट नेता गणेश खणकर ने सलाह दी है कि मुंबई में 45 हजार हाउसिंग सोसायटियां है।
  • इनमें से प्रत्येक सोसायटी यदि एक पेड़ लगाएं, तो मुंबई में 45 हजार नए पेड़ तैयार हो जाएंगे। इससे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहेगा।

गोरेगांव मोतीलाल पुनर्विकास परियोजना, काटे जाएंगे 220 पेड़

गोरेगांव स्थित मोतीलाल नगर के दो सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले खुले मैदान अंबेडकर मैदान और अण्णाभाऊ साठे मैदान लंबे समय से प्रतीक्षित पुनर्विकास परियोजना के तहत बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहे हैं। इस परियोजना के अंतर्गत 220 पेड़ों को काटने की योजना बनाई गई है और मैदानों के बड़े हिस्से निर्माण कार्य के लिए चिन्हित किए गए हैं। मोतीलाल नगर-1 के पुनर्विकास के तहत अंबेडकर मैदान और उसके आसपास के 54 पेड़ों को काटा जाएगा।

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