Mumbai CNG Price Hike: एमएमआर में सीएनजी के दाम 84 रुपये किलो पहुंचे, ऑटो-टैक्सी चालकों पर बढ़ा बोझ

Mumbai CNG Price Hike Update: MMR में सीएनजी की कीमतों में दो रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ते ईंधन खर्च से टैक्सी और रिक्शा चालक परेशान हैं और किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
Mumbai CNG Price Hike News
मुंबई सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai CNG Price Hike News: मुंबई महानगर क्षेत्र में गुरुवार से सीएनजी की कीमत बढ़ गई है। महानगर गैस ने सीएनजी के रेट में दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। इससे अब मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण और आसपास के इलाकों में सीएनजी की नई कीमत 84 रुपए प्रति किलो हो गई है, जबकि पहले यह 82 रुपए प्रति किलो थी।

सीएनजी की कीमत में हुई वृद्धि से न केवल वाहन चलाने का खर्च बढ़ेगा, बल्कि बड़ी संख्या में टैक्सी रिक्शाचालक प्रभावित होंगे। इसे ध्यान में रखते हुए टैक्सी युनियने यात्री किराए में दो रुपए की बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि पिछले महीने एमएमआर में सीएनजी की कीमत में एक रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। यह ताजा बढ़ोतरी ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी का संकेत हो सकती है।

तेल उद्योग के जानकारों का कहना है कि वैश्विक कच्चे तेल के संकट के चलते आने वाले दिनों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। किराए में बढ़ोतरी के फॉर्मूले के अनुसार ईंधन की लागत को ध्यान में रखने के बाद बढ़ोतरी की राशि एक रुपए से थोड़ी ज्यादा बनती है।

ट्रांसपोर्ट सिस्टम को चालू रखने में ईंधन की अहमियत

सूत्रों के अनुसार टैक्सी यूनियने दो रुपए की बढ़ोतरी की मांग कर रही है। मुंबई रिक्शा यूनियन नेताओं का कहना है कि पिछले एक साल में ईंधन की कीमत लगातार बढ़ी है, जिससे ड्राइवरों की कमाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में एक बार फिर से गैस महंगी होने से वाहन चलाने का खर्च बढ़ गया है।

ऐसे में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से परिचालन लागत बढ़ जाएगी, क्योंकि पिछले एक साल में ईंधन महंगा हो गया है। एमएमआर में सीएनजी से चलने वाले वाहनों के बेड़े में लगभग 4.7 लाख ऑटोरिक्शा और 1.6 लाख से ज्यादा टैक्सियां शामिल है। इसके अलावा मुंबई, ठाणे, मीरा-भाईंदर, नवी मुंबई और रायगढ़ में 5 लाख से ज्यादा प्राइवेट कारे भी है।

मेहनत कर परिवार का पेट पाल रहे है

ठाणे और मुंबई में रिक्शा-टैक्सी चालक दिन-रात सड़को पर मेहनत कर अपने परिवार का पेट पाल रहे है, लेकिन लगातार बढ़ती सीएनजी की कीमतों ने उनकी जिंदगी मुश्किल कर दी है। हर बार बढ़ती कीमत सीधे रिक्शा चालक की रोज की कमाई पर चोट करती है। दिनभर मेहनत करने के बाद कई रिक्शा चालकों के लिए 500 से 700 रुपए बचाना भी मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि घर का किराया, बच्चों की पढ़ाई, दवा और परिवार का खर्च चलाना अब भारी पड़ रहा है। - एड। विनय कुमार सिंह, संस्थापक, शिव परिवार रिक्शा टैक्सी कल्याण समिति

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