Mumbai में बड़ा हादसा टला, BPCL की ATF पाइपलाइन में छेद कर फ्यूल चोरी की साजिश नाकाम

Fuel Theft Case: BPCL की ATF पाइपलाइन में छेद कर फ्यूल चोरी की साजिश का RCF पुलिस ने भंडाफोड़ किया। मुंबई, ठाणे व नवी मुंबई से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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बीपीसीएल (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: मुंबई जोन-6 के पुलिस उपायुक्त समीर शेख के नेतृत्व में आरसीएफ पुलिस ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे शहर से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी चेंबूर स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपी सीएल) रिफाइनरी डिपो से सुरंग बनाकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने वाली एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की मेन पाइपलाइन में छेद करके फ्यूल (जिसे सफेद पेट्रोल भी कहा जाता है) और डीजल चुराने का प्रयास कर रहे थे।

डीसीपी समीर शेख की सतर्कता से मुंबई में एक बड़ा हादसा टल गया है, क्योंकि यह न केवल पुलिस की नाक के नीचे किया जा रहा घोटाला था, बल्कि बेहद खतरनाक भी था। एक छोटी-सी गलती से सब कुछ हवा में उड़ सकता था।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह खुदाई का काम पिछले छह महीनों से चल रहा था। ताकि भूमिगत पाइपलाइन में अवैध रूप से छेद करके पेट्रोल टैंकरों के माध्यम से फ्यूल चोरी कर उसे लाखों रुपये में बेच सके, लेकिन बारिश होने की वजह से उन्हें सफलता प्राप्त नहीं हुई और इसकी भनक पुलिस को लग गई।

पुलिस ने बीपीसीएल के मैनेजर हर्षल भाजीपाले की शिकायत पर, अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसके बाद डीसीपी समीर शेख की अगुवाई और एसीपी कलीम शेख के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्तात्रय पाटिल, पुलिस निरीक्षक गजानन देशमुख, सहायक पुलिस निरीक्षक किरण मांढरे, सोनाली फटांगरे, पद्माकर पाटिल की टीम गठित की गई। अपराध में सबसे पहले विनोद पंडित (48) को गिरफ्तार किया गया था। इस टीम ने इसके बाद एक-एक कर सभी आरोपियों को ढूंढकर गिरफ्तार किया है।

कड़े कदम उठाने के बावजूद चोरी

  • सहायक पुलिस निरीक्षक किरण मांढरे ने आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी रियाज अहमद अय्यूब मुल्ला (59), सलीम मोहम्मद अली शेख (43) निवासी मुंब्रा और अन्य की विनोद गौपाल ब्राहमण लाल, इरफान मोहम्मद हुसैन पठान, उर्फ राजू, श्रीकात लोढे, विनायक मिराशी, निशान सिंह, मैनुद्दीन शेख मुस्तफा मंजूर अली खान, नासिर शौकत अली चौहान, इम्तियाज आरिफ लोहार आदि के रूप में की है।
  • सूत्रों के अनुसार, एटीएफ बहुत महंगा होने के कारण, प्रति टैंकर लगभग 25 लाख रुपये में बिकता है। हैरानी की बात यह है की पाइप लाइनों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने के बावजूद ऐसी चोरी हो सकती है।
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