BMC Universal Footpath Project: अश्विनी भिड़े की मंजूरी का इंतजार, 16.5 किमी फुटपाथ होंगे अपग्रेड
मुंबई में 100 करोड़ की BMC Universal Footpath Project को फिर शुरू करने की तैयारी है। 14 स्थानों पर 16.5 किमी फुटपाथ विकसित होंगे, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अश्विनी भिड़े (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai BMC Universal Footpath Project: भीड़भाड़ और खराब फुटपाथ की समस्या से जूझ रहे मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।
बीएमसी की यूनिवर्सल फुटपाथ पॉलिसी के तहत उप पड़ी 100 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी परियोजना को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं।
नई बीएमसी आयुक्त आयुक्त अश्विनी भिड़े के साथ बैठक कर इस योजना को मंजूरी दिलाने की तैयारी में है, जिससे आम मुंबईकरों को उनके हक का सुरक्षित और सुगम फुटपाथ मिलने की उम्मीद जगी है।
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14 स्थानों पर 16.5 किलोमीटर फुटपाथ होंगे विकसित
पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में मुंबई के 14 अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर 16.5 किलोमीटर फुटपाथों का पुनर्विकास किया जाना है। इनमें से 6.40 किलोमीटर (चार स्थान) मुख्य शहर क्षेत्र में, 5।96 किलोमीटर (पांच स्थान) पूर्वी उपनगरों में और 4.19 किलोमीटर (पांच स्थान) पश्चिमी उपनगरों में विकसित किए जाएंगे।
यह सिर्फ पहला चरण है, जिसकी सफलता के बाद इसी मॉडल को पूरे मुंबई के अन्य फुटपाथों पर लागू करने की योजना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में ‘पैदल यात्री नीति’ के लिए 100। करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।
क्यों रुकी थी परियोजना और अब क्या होगा ?
गौरतलब है कि 20 नवंबर 2025 को टेंडर जारी होने के पांच महीने बाद भी BMC Universal Footpath Project ठप पड़ी थी। पूर्व बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने क्रियान्वयन को लेकर चिंता जताई थी कि क्या विभाग इसे सही तरीके से लागू कर पाएगा। हालांकि, बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना रद्द नहीं हुई है।
अब वे नए आयुक्त अश्विनी भिड़े के समक्ष प्रस्ताव रखकर उनकी मंजूरी लेने की योजना बना रहे हैं। इस बीच, महापौर रितु तावड़े ने फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए बांग्लादेशी और रोहिंग्या फेरीवालों के खिलाफ अभियान भी शुरू किया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में लगभग 4,000 किलोमीटर लंबे फुटपाथ हैं, जहां 51 प्रतिशत लोग आवागमन के लिए पैदल चलना पसंद करते हैं। ऐसे में इस परियोजना के जल्द शुरू होने से लाखों पैदल यात्रियों को उनका हक मिल सकेगा।
पूर्व आयुक्त ने इस पहल की आवश्यकता को स्वीकार किया, लेकिन यह भी चिंता जताई कि विभाग इसे सही तरीके से लागू कर पाएगा या नहीं, क्योंकि शहर के अन्य फुटपाथ भी पहले से दबाव में हैं। हालांकि यह परियोजना रद्द नहीं हुई है, आयुक्त के साथ बैठक कर जल्द ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
– वरिष्ठ अधिकारी, (बीएमसी)
बीएमसी के पास कई नीतियां हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर वास्तविक काम इससे बहुत अलग होता है, अधिकांश नीतियां केवल पैसे खर्च करने के लिए होती है, न कि किसी वास्तविक काम को करने के लिए।
– जोरू भाठेना (एक्टिविस्ट)
सभी के लिए सुलभ व अतिक्रमण-मुक्त मॉडल
पुनर्विकास के लिए चुने गए 14 स्थानों में से 6.40 किमी (चार स्थान) दक्षिण मुंबई में, 5।96 किमी (पांच स्थान) पूर्वी उपनगरों में और 4.19 किमी (पांच स्थान) पश्चिमी उपनगरों में है। अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि इन फुटपाथों को “सभी के लिए सुलभ और अतिक्रमण मुक्त मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, उन्होंने कहा कि कुछ हिस्सों के रूप में स्पर्श-संवेदनशील (टैक्टाइल) पथों का उपयोग किया जाएगा ताकि यह दिव्यांगजन अनुकूल हों, पेड़ों के आसपास की जगह सुरक्षित रखी जाएगी और कुछ क्षेत्रों में बेच भी लगाई जाएंगी।
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अधिकारी बताते है कि मौजूदा फुटपाथों को यूनिवर्सल फुटपाथ पॉलिसी के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। इस नीति में समान सतह, पर्याप्त चौड़ाई, अवरोधों और अतिक्रमणों को हटाने जैसी दिशानिर्देशों की सूची शामिल है। नीति के अनुसार पैदल क्षेत्र की न्यूनतम क्षैतिज चौडाई 1.50 मीटर और ऊंचाई 2.20 मीटर होनी चाहिए।
