महापौर रितु तावड़े (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai BMC Drain Cleaning Work: आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने शहर में नालों की सफाई के कार्य को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
महापौर रितू तावड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा है कि मुंबई के सभी बड़े और छोटे नालों से गाद निकालने का काम बरसात शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि भारी बारिश के दौरान पानी की निकासी में कोई बाधा न आए और नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
शुक्रवार को बीएमसी मुख्यालय स्थित स्थायी समिति सभागार में मानसून पूर्व नाला सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर रितु तावड़े ने की।
इस बैठक में उपमहापौर संजय घाड़ी, सभागृह नेता गणेश खणकर, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर, सुधार समिति अध्यक्ष संध्या दोशी, अतिरिक्त मनपा आयुक्त डॉ। विपिन शर्मा, अभिजीत बांगर, अविनाश ढाकणे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
दि. १३ मार्च २०२६ पावसाळ्यात मुंबईकरांना दिलासा देण्यासाठी महापालिका प्रशासन सज्ज! आगामी पावसाळ्याच्या पार्श्वभूमीवर, मुंबईतील प्रमुख नाले, लहान नाले आणि मिठी नदीतील गाळ काढण्याच्या कामांचा आज सविस्तर आढावा घेतला. मुंबई महानगरपालिका मुख्यालयात आयोजित या बैठकीत कामांचा दर्जा आणि… pic.twitter.com/Z4jfi1bE3k — Ritu Tawde (@TawdeRitu) March 13, 2026
बैठक में महापौर ने निर्देश दिया कि नालों की सफाई का काम समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रशासनिक वार्ड कार्यालय और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर कार्यस्थल पर एक सूचना बोर्ड लगाया जाए, जिसमें संबंधित नाले की लंबाई, चौड़ाई, निकाली जाने वाली गाद की मात्रा, काम की अवधि, ठेकेदार का नाम और संबंधित अभियंता का संपर्क नंबर जैसी जानकारी दर्ज हो, ताकि काम में पारदर्शिता बनी रहे।
महापौर ने यह भी कहा कि नालों से निकाली गई गाद का 48 घंटे के भीतर उचित निपटान किया जाना चाहिए। गाद की ढुलाई करने वाले वाहनों पर ‘व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम’ (वीटीएस) लगाया जाए और उन्हें तिरपाल से ढक कर ही परिवहन किया जाए।
बीएमसी को मीठी नदी से गाद निकालने के लिए ठेकेदार नही मिल रहे है। हालांकि, बीएमसी ने मीठी नदी से गाद निकालने के लिए जारी की गई निविदा की कुछ शर्तों में बदलाव किया है। यदि इन संशोधित शर्तों के बाद भी ठेकेदार आगे नहीं आते हैं, तो बीएमसी स्वयं अपने संसाधनों से नदी की सफाई कराएगा।
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इस संबंध में मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन के साथ मिलकर कामों की निगरानी की जाएगी, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जा सके और अनियमितताओं पर रोक लगे। महापौर तावड़े ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि शर्तों में ढील देने के बावजूद कोई ठेकेदार सामने नहीं आता, तो बीएमसी अपने पास उपलब्ध मशीनों और संसाधनों के जरिए मीठी नदी की सफाई शुरू करेगी।