मानसून सत्र का इंतजार, विशेष सत्र की मांग पर सुप्रिया सुले ने नहीं किए हस्ताक्षर, बताई वजह

ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश दौरे भारत की पैरवी करने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शरद पवार गुट से सुप्रिया सुले भी शामिल थी। सुप्रिया सुले ने ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष की विशेष सत्र की मांग पर हस्ताक्षर नहीं किए।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश दौरे भारत की पैरवी करने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शरद पवार गुट से सुप्रिया सुले भी शामिल थी। ऑपरेशन सिंदूर पर ही विपक्ष की विशेष सत्र की मांग पर सुले ने हस्ताक्षर नहीं किए।
सुप्रिया सुले (सौजन्य-एएनआई)
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मुंबई: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद विपक्ष ने सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद का सत्र बुलाने की मांग की है। इस मामले में लिखे गए पत्र में शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से सुप्रिया सुले ने हस्ताक्षर नहीं किया। इस पर सुप्रिया सुले ने जवाब दिया।

पहलगाम हमले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पहलगाम हमले को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग वाले विपक्ष के पत्र पर हस्ताक्षर नहीं कर सकीं, क्योंकि वह विदेश यात्रा पर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल थीं।

ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है - सुले

चार देशों की यात्रा से लौटने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, बारामती से लोकसभा सदस्य सुले ने कहा कि उनकी पार्टी का रुख यह है कि इस पर बहस की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि ‘ऑपरेशन सिंदूर' अभी जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘जब संसद का मानसून सत्र शुरू होगा, तो हम पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार से सवाल पूछेंगे।'' सरकार ने आतंकवाद को पाकिस्तान की ओर से निरंतर समर्थन और 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को तबाह करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के रूप में भारत की प्रतिक्रिया के बारे में जानकारी देने के लिए कई देशों में बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे थे।

आतंकवाद के सभी कृत्यों की निंदा

सुले ने कहा, ‘‘मैं संसद के विशेष सत्र की मांग वाले पत्र पर हस्ताक्षर नहीं कर सकी, क्योंकि मैं देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए यात्रा पर थी। मैंने अपने देश में आस्था और विश्वास दिखाया है। यह दौरा लाभदायक रहा और सभी चार देशों - कतर, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र और इथियोपिया के नेतृत्व ने भारत के साथ मजबूत एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद के सभी कृत्यों की निंदा की।''

उन्होंने कहा कि चारों देश भारत के साथ घनिष्ठ संबंध रखते हैं और वे भारत को ‘महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, मनमोहन सिंह और नरेन्द्र मोदी की भूमि' मानते हैं। सुले ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा था कि वह भारत लौटने के बाद विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन की बैठकों में शामिल होंगी। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) विपक्षी समूह इंडिया (इंडियन नेशनल डवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) का एक घटक है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे पत्र में 16 विपक्षी दलों ने मांग की है कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। सरकार ने बुधवार को कहा कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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