Mumbai: मीरा-भाईंदर में भीख माफिया सक्रिय, मंत्री अदिति तटकरे को जांच की अर्जी

Mumbai: मीरा-भाईंदर में ट्रैफिक सिग्नलों पर नवजातों संग भीख मांगती महिलाओं के पीछे भीख माफिया का शक जताया जा रहा है। राकांपा नेता ने मंत्री अदिति तटकरे से जांच की मांग की है।
Women Beggar
महिला भिखारी (सौ. सोशल मीडिया )
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Mira Bhyandar News In Hindi: मुंबई महानगर के ठीक बगल में बसे मीरा भाईंदर शहर की चकाचौंध के पीछे एक कड़वा सच छिपा है। शहर के प्रमुख चौक, मीरा रोड पूर्व, रसाज सिनेमा, काशीमीरा नाका, गोल्डन नेस्ट और मैकडॉनल्ड सिग्नल पर रोजाना ट्रैफिक लाइट के नीचे एक जैसी तस्वीर नजर आती है।

कुछ महिलाएँ अपनी गोद में नवजात बच्चों को लिए भीख माँगती दिखती हैं, तो कुछ छोटे बच्चे पैदल घूमते हुए राहगीरों के - आगे हाथ फैलाते हैं। इन मासूम बच्चों की हालत देखकर किसी का भी दिल पसीज जाए, उनके हाथ-पैरों पर प्लास्टर, बदन पर फटे कपड़े और चेहरों पर थकान की दृश्य हो। लेकिन यह कोई फिल्म नहीं, बल्कि हकीकत है और यह हकीकत पिछले कई वर्षों से इस शहर के हर बड़े सिग्नल पर दोहराई जा रही है।

राकांपा (अजीत) के 145 विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष रवीन्द्र श्रीरंग कालस्कर ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उन्होंने महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे को पत्र लिखकर इन बच्चों के पीछे चल रहे भीख माफिया के गिरोह की जाँच की मांग की है।

रवीन्द्र कालस्कर का कहना है कि ये महिलाएँ हर साल गर्भवती दिखती हैं, और हर बार उनके पास एक नया नवजात बच्चा होता है, यह बेहद संदिग्ध है। ऐसा लगता है कि कोई गिरोह इन बच्चों को भीख मँगवाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। जब उनसे बात करने की कोशिश की तो लगा कि वे किसी भय में जी रही हैं।

मानव तस्करी व बाल शोषण का मामला

  • यह सिर्फ गरीबी का नहीं, बल्कि मानव तस्करी और बाल शोषण का मामला है। इन बच्चों को बारिश, गर्मी और ठंड में नंगे पाँव भीख माँगने को मजबूर किया जाता है।
  • कालस्कर ने राज्य सरकार से इन मासूमों को इस यातना से मुक्त कराने का आग्रह किया है।
  • उन्होंने सरकार से मांग की है कि संबंधित विभाग तुरंत जांच शुरू करे, बच्चों को सुरक्षित आश्रय और शिक्षा का अधिकार दिलाएं, और इस गंदे धंधे में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करें।
  • स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगने वालों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई बार लोगों ने पुलिस को सूचना दी, मगर हालात जस के तस हैं।
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