16 साल की लड़की ने बंबई हाईकोर्ट में दी चौंकाने वाली बात, जानिए क्यों जारी रखेगी गर्भावस्था

Bombay High Court: बंबई उच्च न्यायालय ने 16 वर्षीय नाबालिग की गर्भावस्था जारी रखने की इच्छा को स्वीकार किया। मेडिकल बोर्ड ने भ्रूण में कोई समस्या नहीं पाई, लड़की को आश्रय गृह में रखा गया।
मुंबई हाईकोर्ट (pic credit; social media)
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Mumbai News: बंबई उच्च न्यायालय को 16 वर्ष की एक लड़की ने सूचित किया है कि वह मेडिकल रिपोर्ट में भ्रूण में कोई विसंगति नहीं पाए जाने के बाद अपनी गर्भावस्था को पूर्ण अवधि तक जारी रखेगी। लड़की ने अपने पिता के माध्यम से अदालत में एक याचिका दायर कर 27 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मांगी थी, जो एक व्यक्ति से संबंध के कारण ठहरा था।

सरकारी जेजे अस्पताल के एक मेडिकल बोर्ड ने लड़की की जाँच की और अदालत को अपनी रिपोर्ट में बताया कि भ्रूण में कोई विसंगति या लड़की के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को कोई गंभीर खतरा नहीं है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्भावस्था जारी रखने से लड़की को सामाजिक दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि वह अविवाहित है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अदालत गर्भपात की अनुमति देने या न देने पर अपना निर्णय ले सकती है। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदेश पाटिल की पीठ ने 10 अक्टूबर को लड़की से बातचीत की और उसे मेडिकल रिपोर्ट से अवगत कराया। इसके बाद लड़की ने अदालत से कहा कि वह गर्भावस्था पूरी करने के लिए तैयार है, लेकिन तब तक उसे आश्रय गृह में स्थानांतरित किया जाए।

पीठ ने लड़की को उपनगरीय मुंबई के एक आश्रय गृह में रखने का निर्देश दिया और संबंधित थाने की एक महिला कांस्टेबल को आदेश दिया कि वह उसे सप्ताह में एक बार जांच के लिए अस्पताल लेकर जाए।

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