

Mumbai News:मुंबई में मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन के उपरांत महाराष्ट्र की महायुति सरकार का हैदराबाद गजट को मंजूरी दिया जना तथा ओबीसी कोटे से मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए कुणबी प्रमाण पत्र जारी किया जाना राज्य के ओबीसी नेताओं को रास नहीं आ रहा है।
राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल और विधानसभा में कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार सहित तमाम ओबीसी नेता राज्य सरकार के का विरोध कर रहे हैं और जीआर को वापस लेने अथवा संशोधित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार से ओबीसी नेताओं को उनकी अपेक्षा के अनुरूप प्रतिसाद नहीं मिल रहा है।
दूसरी तरफ जीआर जारी होने से उत्साहित मनोज जरांगे चुनौती पूर्ण बयान देकर ओबीसी नेताओं को उकसा रहे हैं, इससे ओबीसी नेताओं में आक्रोश बढ़ रहा है। रविवार को इसी आक्रोश का प्रदर्शन वडेट्टीवार ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार मनोज जरांगे को एके 47 दे दे और वह सभी ओबीसी को खत्म कर दें।
विजय वडेट्टीवार ने आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जरांगे को एके 47 दे दो और ओबीसी को खत्म कर दो। उन्होंने जीआर के बारे में गुस्से में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि क्या हमें अपने आरक्षण की रक्षा नहीं करनी चाहिए? उन्होंने यह भी कहा कि तलवार लो और हमारी गर्दन काट दो।