

मनोज जरांगे ने देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की नीयत पर भरोसा जताया।
जरांगे ने वायरल ऑडियो क्लिप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार करने के दावों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि जांच होने पर पूरा मराठा समाज दोनों नेताओं के साथ खड़ा रहेगा।
Manoj Jarange On Devendra Fadnavis And Eknath Shinde: मनोज जरांगे पाटील ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विवादित ऑडियो क्लिप को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। जरांगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुलकर कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नीयत पर पूरा विश्वास है कि वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी स्वतंत्र एजेंसी या SIT का गठन करके मामले का सच जनता के सामने लाया जाए। जरांगे ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि फडणवीस और शिंदे इस ऑडियो क्लिप की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई का खुलासा कर देते हैं, तो पूरा मराठा समाज आंख मूंदकर इन दोनों नेताओं के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जरांगे ने सत्तारूढ़ गुट द्वारा ऑडियो क्लिप को AI से निर्मित बताने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह ऑडियो क्लिप 100 प्रतिशत ओरिजिनल है और इसे AI बताकर केवल जनता में भ्रम फैलाने तथा जिम्मेदारी से भागने की कोशिश की जा रही है। मनोज जरांगे ने तर्क दिया कि ग्रामीण इलाकों के उच्च शिक्षित युवा, पुलिस अधिकारी और आईटी क्षेत्रों के विशेषज्ञ जानते हैं कि मराठी भाषा में 29 से 32 मिनट लंबी और इतनी विस्तृत ऑडियो क्लिप एआई से तैयार करना संभव ही नहीं है।
उन्होंने ध्यान दिलाया कि इस क्लिप में केवल मराठा आंदोलन ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, वाढवण बंदरगाह का विवाद, विस्थापितों का मुद्दा, दो संपादकों के नाम, 500 करोड़ रुपये का लेनदेन और दलित-मुस्लिम-मराठा समीकरणों जैसे दर्जनों विविध विषय शामिल हैं। जरांगे ने सवाल उठाया कि यदि उन्हें खुद कोई फर्जी ऑडियो बनवाना होता, तो वे सिर्फ अपने आंदोलन और पैसों की बात करते; इतने सारे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को क्यों जोड़ते?
जरांगे ने आरोप लगाया कि इस ऑडियो क्लिप के पीछे 5 से 7 लोगों का एक समूह और एक बड़ा गुप्त नेटवर्क काम कर रहा है। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य केवल मराठा आंदोलन को दबाना ही नहीं था, बल्कि देवेंद्र फडणवीस की जानकारी के बिना एकनाथ शिंदे के राजनीतिक अस्तित्व और करियर को नुकसान पहुंचाना था।
जरांगे ने कहा कि शिंदे और फडणवीस को मराठा समाज का आभार मानना चाहिए, क्योंकि मराठों ने इस पर्दे के पीछे चल रहे बड़े खेल का पर्दाफाश करके उनकी सरकार और व्यक्तिगत साख को बचा लिया है।
क्लिप में भाजपा फंड और 500 करोड़ रुपये के लेनदेन की बातें सामने आने के बाद महायुति गठबंधन के मंत्रियों और विधायकों में अंदर ही अंदर भारी खलबली मची हुई है। जरांगे ने दावा किया कि शिंदे गुट के मंत्री और विधायक अपनी ही सरकार के रवैये से चिंतित हैं।
उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए कहा कि अब उन्हें यह साबित करना होगा कि वे मराठा, किसान या ओबीसी विरोधी नहीं हैं और न ही किसी साजिशकर्ताओं के दबाव में काम कर रहे हैं।
जरांगे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले को दबाने या झूठा साबित करने की कोशिश की, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के वरिष्ठ वकीलों और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श लेना शुरू कर दिया है। बीते तीन वर्षों में मराठा समाज और उन्होंने खुद सरकार की गंदी राजनीति और गंभीर मानसिक यातनाएं झेली हैं, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और इस साजिश की आखिरी परत तक जांच कराकर ही दम लेंगे।