

Mumbai Mankhurd Uncontrolled Best Bus Accident: बेस्ट बस हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुंबईकरों की यह लाइफलाइन धीरे-धीरे किलर का रूप लेते जा रही है। इसी क्रम में सोमवार सुबह बेस्ट ने मानखुर्द स्थित सायन-पनवेल हाईवे पर कोहराम मचा दिया। विश्वकर्मा अस्पताल के सामने मार्ग संख्या 501 की बेस्ट बस बेकाबू हो गई और एक 62 वर्षीय राहगीर को रौंद दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। साथ ही हादसे में चालक-परिचालक समेत 10 लोग घायल हो गए। चालक ने हादसे के लिए ब्रेक फेल होने का दावा किया, जबकि बेस्ट प्रशासन ने बस में किसी भी तकनीकी खराबी से साफ इनकार करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
बेस्ट प्रशासन के अनुसार प्रतिक्षानगर डिपो से संचालित मातेश्वरी अर्बन ट्रांसपोर्ट की किराए पर ली गई बस क्रमांक 8091, एमएच-01 एमपी 3777 सोमवार सुबह करीब 8।30 बजे कुर्ला पूर्व बस डिपो से ऐरोली के लिए रवाना हुई थी। मानखुर्द स्थित विश्वकर्मा अस्पताल के सामने पहुंचते ही चालक बनवारीलाल शर्मा ने बस के ब्रेक फेल होने का दावा किया।
इसके बाद बस पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई और फिर पैदल चल रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में डिवाइडर के पास खड़े भास्कर रावसाहेब कागड़े (62) की गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बस चालक, परिचालक और आठ यात्री घायल हुए हैं। घायलों में 3 महिला और 5 पुरुष यात्री शामिल हैं। इनमें से आठ घायलों का इलाज शताब्दी अस्पताल, जबकि चालक और परिचालक का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है।
प्राथमिक जांच में बेस्ट ने बस में किसी तकनीकी खराबी से इनकार किया है। प्रशासन के अनुसार, 19 जुलाई के बाद बस में किसी खराबी की शिकायत दर्ज नहीं हुई थी और चालक को निर्धारित प्रशिक्षण दिया गया था।
दुर्घटनाग्रस्त बस मातेश्वरी अर्बन ट्रांसपोर्ट की है। बेस्ट ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। मानखुर्द पुलिस ने मामला दर्ज कर बस को तकनीकी जांच के लिए जब्त कर लिया है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। लगातार हो रहे हादसों के बीच बेस्ट की रखरखाव व्यवस्था और ठेका चालक प्रशिक्षण पर फिर सवाल उठने लगे है।
शिवसेना नगरसेवक सचिन पडवल ने सुझाव दिया कि ठेका प्रणाली से संचालित बसों का रखरखाव बेस्ट के गैरेज में कराया जाए और खर्च संबंधित ठेकेदार से वसूला जाए। साथ ही ठेका चालक-परिचालकों को बेस्ट सेवा में समायोजित कर नए चालकों के समान 36 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग भी की।
शिवसेना नगरसेवक सचिन पडवल ने सुझाव दिया कि ठेका प्रणाली से संचालित बसों का रखरखाव बेस्ट के गैरेज में कराया जाए और खर्च संबंधित ठेकेदार से वसूला जाए। साथ ही ठेका चालक-परिचालकों को बेस्ट सेवा में समायोजित कर नए चालकों के समान 36 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग भी की।
बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस मातेश्वरी कंपनी की किराए की सीएनजी बस थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में बेस्ट की 15 दुर्घटनाओं में 14 और वर्ष 2026 में अब तक 10 दुर्घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। मातेश्वरी कंपनी की बसों से अपेक्षाकृत अधिक हादसे होने का हवाला देते हुए उन्होंने भविष्य में उसकी बसें किराये पर नहीं लेने और बेस्ट की अपनी बसें खरीदने का प्रस्ताव रखा।