'राहुल गांधी अब सिर्फ एक जोक बनकर रह गए हैं', शिवसेना नेता मनीषा कायंदे का तीखा हमला, UCC पर भी रुख साफ

Manisha Kayande On Rahul Gandhi: शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने राहुल गांधी के विदेश नीति को लेकर दिए बयान और पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में उनकी गैरमौजूदगी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Manisha Kayande Statement On Rahul Gandhi
मनीषा कायंदे व राहुल गांधी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Manisha Kayande Statement: शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने हाल ही में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। पश्चिम एशिया के गंभीर संकट पर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर कायंदे ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि राहुल गांधी अब संसद के अंदर और बाहर महज एक 'जोक' बनकर रह गए हैं।

नेता प्रतिपक्ष की कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं?

मनीषा कायंदे ने कहा कि जब देश और दुनिया इतने संवेदनशील मोड़ पर हैं और सरकार विपक्ष को भरोसे में लेने के लिए बैठक बुला रही है, तो राहुल गांधी का वहां न होना उनकी गैर-जिम्मेदाराना राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का कोई भरोसा नहीं है। वह कब बैठक छोड़कर केरल चले जाएं या विदेश उड़ जाएं, किसी को नहीं पता। लोकतंत्र में 'लीडर ऑफ ऑपोजिशन' का पद बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन राहुल इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी तथ्यों और सबूतों के बिना बात करते हैं, जिससे उनकी बातों की गंभीरता खत्म हो जाती है। कायंदे ने यहां तक सुझाव दे डाला कि अब कांग्रेस को अपना नेता प्रतिपक्ष बदलने पर विचार करना चाहिए।

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर शिवसेना का स्टैंड

राहुल गांधी के अलावा, मनीषा कायंदे ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर भी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने याद दिलाया कि हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब ठाकरे के समय से ही शिवसेना यूसीसी की समर्थक रही है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और राम मंदिर के बाद अब देश में UCC लागू होना चाहिए। महाराष्ट्र में भी इसे जल्द से जल्द लाना समय की मांग है। शिवसेना इस मुद्दे पर भाजपा के साथ खड़ी है।

फडणवीस-उद्धव ठाकरे विवाद पर क्या बोलीं कायंदे?

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा उद्धव ठाकरे पर की गई टिप्पणी पर कायंदे ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फडणवीस की अपनी एक शैली है, वह अक्सर कविता या शेर-ओ-शायरी के जरिए अपनी बात कहते हैं और यह उनका अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं और उद्धव ठाकरे ने भी अपनी भूमिका स्पष्ट रखी है।

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