आया तेंदुए की खाल बेचने चढ़ गया पुलिस के हत्थे, डोंगरी पुलिस की कार्रवाई 30 लाख की खाल के साथ आरोपी गिरफ्तार

Mumbai Leopard News: डोंगरी पुलिस ने ताड़देव निवासी निखिल सोनावने को 30 लाख रुपये कीमत की संदिग्ध तेंदुए की खाल के साथ गिरफ्तार किया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी।
Dongri Police in Mumbai arrested a Tardeo resident attempting to sell a leopard skin valued at ₹30 lakh
तेंदुए की खाल जब्त, डोंगरी पुलिस सोर्स- नवभारत
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Mumbai Leopard Skin Smuggling: डोंगरी पुलिस ने संरक्षित तेंदुए की खाल बेचने की कोशिश के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आरोपी की पहचान मुंबई के ताड़देव निवासी निखिल सोनावने के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से तेंदुए की खाल जैसी दिखने वाली करीब 2.5 किलोग्राम वजन की एक वस्तु बरामद की है। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, पुलिस इंस्पेक्टर बालासाहेब कनावडे को आरोपी के पास वन्यजीव से जुड़ी प्रतिबंधित वस्तु होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाया और 9 अगस्त 2026 को आरोपी को कथित तौर पर रंगे हाथों पकड़ लिया।

2.5 किलो की खालनुमा वस्तु बरामद

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से करीब 2.5 किलोग्राम वजन की एक ऐसी वस्तु मिली, जो देखने में तेंदुए की खाल जैसी प्रतीत होती है। पुलिस के अनुसार, इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये हो सकती है। हालांकि, बरामद वस्तु वास्तव में तेंदुए की खाल है या किसी अन्य वन्यजीव की, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वन विभाग करेगा असली खाल की जांच

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बरामद वस्तु की वास्तविक पहचान और सही कीमत का आकलन वन विभाग तथा विशेषज्ञों की जांच के बाद ही हो सकेगा। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि वस्तु किस वन्यजीव से संबंधित है और इसे कहां से हासिल किया गया था।

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वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर सुनील रणदिवे कर रहे हैं।

तस्करी नेटवर्क की तलाश

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने कथित खालनुमा वस्तु कहां से हासिल की थी और इसे किसे बेचने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस इस मामले में किसी बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही, इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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