

Mahayuti Row Over Eknath Shinde News: सत्ताधारी महायुति के घटक दलों बीजेपी और शिंदे गुट में फिर मतभेद उभर कर सामने आया है। ठाणे में डीसीएम एकनाथ शिंदे और बीजेपी नेता व वन मंत्री गणेश नाईक के बीच चल रही वर्चस्व की जंग में नया विवाद खड़ा हुआ है।
नवी मुंबई मनपा के कार्यक्रम में शिदे को आमंत्रित न किए जाने पर शिवसैनिकों में नाराजगी है, नवी मुंबई मनपा के अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाओं के उद्घाटन समारोह के आमंत्रण पत्र को लेकर महायुति में विवाद खड़ा हुआ है।
इस कार्यक्रम में डीसीएम व ठाणे के पालक मंत्री शिंदे को आमंत्रित न किए जाने पर शिंदे सेना ने विरोध किया है और अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है, हालांकि उनके पुत्र व सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम आमंत्रण पत्रिका में शामिल है। नवी मुंबई मनपा अस्पताल के बाहर शिवसैनिकों ने जमकर हंगामा किया और वन मंत्री गणेश नाईक को काले झंडे दिखाए।
शिवसेना की सांसद ज्योति वाघमारे ने गणेश नाईक की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भले ही शिंदे का नाम आमंत्रण पत्रिका में नहीं है, लेकिन लोगों के दिलों में उनकी जगह कम नहीं हो सकती, शिंदे ने अपने काम से लोगों के बीच एक अलग पहचान बनाई है। इसे किसी भी मैगजीन से मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया है कि ऐसी घटनाएं व्यक्तिगत मतभेदों और राजनीतिक प्रतिद्वंदा की वजह से हो रही हैं। संबंधित लोगों से सकारात्मक राजनीति में सहभागी होने की उम्मीद की जाती है।
नवी मुंबई में हुई इस घटना पर बोलते हुए सांसद नरेश म्हस्के ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में जिस तरह से घटनाएं हो रही हैं, वह गलत हैं। ठाणे मनपा में शिवसेना और भाजपा का गठबंधन सत्ता में है। हम उनके नाम डाल देते है, चाहे कोई भी व्यक्ति हो।
भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने भी गुस्सा जाहिर किया और प्रोग्राम का बॉयकॉट किया। मीडिया से बात करते हुए विधायक मंदा म्हात्रे ने कहा कि यहां जो डायलिसिस मशीन दी गई है, वह किसी मंत्री ने नहीं दी है, उन्होंने कहा कि मनपा ने पहला निमंत्रण कार्ड ठीक से प्रिंट किया था। लेकिन जब कार्ड दूसरी बार प्रिंट किया गया तो उसमें से सीधे एकनाथ शिंदे का नाम हटा दिया गया।