महाराष्ट्र में 30 मार्च से 4 अप्रैल के बीच आंधी-तूफान और बारिश की संभावना (सोर्स: AI)
Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र के नागरिकों और विशेषकर किसानों के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एक मौसम अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में 30 मार्च से 4 अप्रैल, 2026 के बीच गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है।
CMO द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर उत्तर महाराष्ट्र के खानदेश, मराठवाड़ा, पश्चिमी विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। 30 मार्च की दोपहर के बाद से राज्य में बादलों की आवाजाही और तूफानी बारिश का एक नया दौर शुरू होगा। हालांकि, 31 मार्च को बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन अस्थिर मौसम बना रहेगा। इसके बाद, 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के बीच तूफानी बारिश का दायरा और तीव्रता एक बार फिर बढ़ने की संभावना है।
30 मार्च ते 4 एप्रिल दरम्यान राज्यात मेघगर्जनेसह वादळी पावसाची शक्यता 30 मार्चपासून राज्यात ढगाळी हवामान आणि दुपारनंतर होणाऱ्या वादळी पावसाचे नवीन सत्र सुरू होण्याचा अंदाज वर्तविण्यात आला आहे. 30 मार्च रोजी प्रामुख्याने खानदेश, मराठवाडा, पश्चिम विदर्भ तसेच मध्य महाराष्ट्रातील… — CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) March 28, 2026
मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 मार्च को, विशेष रूप से खानदेश, मराठवाड़ा और पश्चिम विदर्भ क्षेत्रों में, साथ ही मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में स्थित जिलों में, गरज, तेज हवाओं, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना है। विदर्भ के शेष हिस्सों में भी मौसम के मिजाज में कुछ बदलाव देखे जा सकते हैं। 30 मार्च की तुलना में, 31 मार्च को तूफानी बारिश की कुल तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, इन क्षेत्रों में अभी भी कुछ हद तक अस्थिर मौसम और रुक-रुक कर तूफानी बौछारें हो सकती हैं। इसके बाद, 1 अप्रैल से 4 अप्रैल के बीच तूफानी बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।
यह मौसम का बदलाव ऐसे समय पर हो रहा है जब राज्य में रबी फसलों की कटाई का काम जोरों पर है। कृषि विभाग और CMO ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें या उन्हें प्लास्टिक कवर से ढक दें ताकि ओलावृष्टि और बारिश से फसल खराब न हो। किसानों को सलाह दी गई है कि वे आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए ही अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।
खराब मौसम और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें। टीन शेड, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर और बिजली की लाइनों से दूर रहें। तूफान के समय असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित इमारतों के भीतर रहें।
यह भी पढ़ें:- 12000 करोड़ का साम्राज्य, फिर 2BHK में रहने को क्यों हुआ मजबूर? जानिए गुमनामी में मरे बिजनेस टायकून की कहानी
क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) मुंबई के अनुसार, मुंबई शहर में 30 मार्च को हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। हालांकि, अप्रैल के शुरुआती दिनों के लिए मुंबई के संबंध में अभी कोई निश्चित पूर्वानुमान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मध्यम श्रेणी में बना हुआ है और रविवार सुबह आसमान साफ रहा।
प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली सूचनाओं का पालन करने का अनुरोध किया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।