ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और ग्रीस जैसे देशों से ज्यादा है महाराष्ट्र का बजट, फडणवीस- विश्व में 30वें रैंक पर राज्य

Maharashtra GSDP Ranking: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्ट्र का बजट ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और ग्रीस जैसे देशों से अधिक है और वैश्विक स्तर पर 30वें स्थान पर है।
Devendra Fadnavis World Economy Comparison
Devendra Fadnavis World Economy Comparison (डिजाइन फोटो)
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Devendra Fadnavis World Economy Comparison: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद चौंकाने वाले और गौरवपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं। फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था और बजट का आकार अब दुनिया के कई विकसित यूरोपीय और एशियाई देशों से भी बड़ा हो गया है। उनके अनुसार, यदि महाराष्ट्र को एक राष्ट्र के रूप में देखा जाए, तो वह अपनी आर्थिक शक्ति के मामले में विश्व स्तर पर 30वें स्थान पर आता है। यह आंकड़ा न केवल राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है, बल्कि इसे भारत के विकास का असली 'पावरहाउस' भी साबित करता है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) अब 51 लाख करोड़ रुपये (लगभग 566-610 बिलियन डॉलर) के स्तर को छू रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने रेखांकित किया कि महाराष्ट्र का बजट आकार और आर्थिक गतिविधियां अब ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और ग्रीस जैसे सैकड़ों देशों से कहीं अधिक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य महज आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि 2047 तक 'विकसित महाराष्ट्र' के सपने को साकार करते हुए इसे 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।

यूरोपीय और एशियाई देशों को पछाड़ा

देवेंद्र फडणवीस के दावों के अनुसार, महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का विस्तार इतनी तेजी से हुआ है कि इसने ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, हंगरी, पुर्तगाल और डेनमार्क जैसे समृद्ध देशों को पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ-साथ ईरान और इराक जैसी तेल समृद्ध अर्थव्यवस्थाएं भी बजट और कुल उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र से पीछे नजर आती हैं। यह तुलना दर्शाती है कि महाराष्ट्र की विकास दर न केवल भारत के अन्य राज्यों के लिए एक बेंचमार्क है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह एक प्रतिस्पर्धी इकाई के रूप में उभरा है।

वैश्विक निवेश के लिए '30वां' सबसे बड़ा बाजार

दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की सूची में 30वें रैंक पर होने का मतलब है कि महाराष्ट्र अब वैश्विक निवेशकों के लिए एक अनिवार्य गंतव्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बुनियादी ढांचे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल खेती पर किया जा रहा भारी निवेश ही वह कारण है जिससे राज्य इतनी लंबी छलांग लगाने में सफल रहा है। $566 बिलियन से अधिक का यह नॉमिनल जीएसडीपी महाराष्ट्र को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और फिनटेक हब के रूप में नई पहचान दिला रहा है।

5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने इस आर्थिक शक्ति का श्रेय राज्य के औद्योगिक नीति और 'बलि राजा' (किसानों) के योगदान को दिया। उन्होंने कहा कि 51 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था महज एक पड़ाव है। आने वाले वर्षों में सरकार का ध्यान 50 लाख नए रोजगार पैदा करने और औद्योगिक उत्पादन को 1500 अरब करोड़ तक ले जाने पर है। बजट के माध्यम से सरकार ने यह संदेश दिया है कि महाराष्ट्र अब वैश्विक आर्थिक मंच पर एक ऐसी शक्ति है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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