

Maharashtra Electoral Roll: महाराष्ट्र में 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए होने वाले एसआईआर कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। महाराष्ट्र में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की अवधि 10 दिन बढ़ा दी है, जिससे यह अभियान 29 जुलाई के बजाय 8 अगस्त को पूरा होगा। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन अब 17 अगस्त को होगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
समय-सीमा 10 दिन बढ़ी निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 30 जून से 8 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसी अवधि में मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन भी 8 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त, सोमवार को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद 17 अगस्त से 16 सितंबर 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण 17 अगस्त से 15 अक्टूबर 2026 के बीच किया जाएगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 19 अक्टूबर, सोमवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस। चोक्कलिंगम ने मतदाताओं को फर्जी और भ्रामक व्हाट्सएप संदेशों से सतर्क रहने की सलाह दी है। निर्वाचन आयोग के नाम पर भेजे जा रहे किसी भी संदिग्ध संदेश का जवाब न दे और न ही किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन करें। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
इसी दौरान कुछ मतदाताओं को व्हाट्सएप पर ऐसे फर्जी संदेश प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि उनके मतदाता पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की जांच चल रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने नागरिकों से केवल भारत निर्वाचन आयोग और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अथवा (बीएलओ) (एईआरओ) (ईआरओ) द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। मतदाता 1950 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि संशोधित कार्यक्रम की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाई जाए। साथ ही उपलब्ध सभी माध्यमों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। आयोग ने यह भी कहा है कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को संशोधित कार्यक्रम की लिखित सूचना उपलब्ध कराई जाए, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी हो सके।