महाराष्ट्र में लागू होगा केंद्र का पेपर लीक विरोधी कड़ा कानून: CM फडणवीस के निर्देश, 10 साल की होगी सजा

Paper Leak Maharashtra: महाराष्ट्र में केंद्र का सख्त पेपर लीक विरोधी कानून लागू होगा। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 2 हफ्ते में प्रक्रिया पूरी करने और दोषियों को 10 साल की सजा के निर्देश दिए।
Centre's stringent anti-paper leak law to be implemented in Maharashtra: CM Devendra Fadnavis's directive
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीससोर्स- सोशल मीडिया
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Maharashtra Anti Paper Leak Law: नीट व यूजीसी सहित अन्य पेपरों के लीक मामले को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बुधवार को संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और केंद्र सरकार का कानून राज्य में लागू करने का निर्देश दिया। अब पेपर लीक करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

सीएम ने बुधवार को अपने सरकारा आवास पर विभिन्न सेवाओं की भर्तियों के परीक्षा सिस्टम का जायजा लिया। इस बैठक में डीसीएम एकनाथ शिंदे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। फैसला किया गया है भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी। राधा इस समिति की अध्यक्ष होंगी। इसमें राज्य के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशु पालन विभाग के सचिव डीएन रामास्वामी और नाशिक के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम शामिल होंगे।

2 सप्ताह में पूरी हो कानूनी प्रक्रिया

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया कि केंद्र ने हाल ही में परीक्षा में गड़बड़ी के संबंध में संसद में एक संशोधित विधेयक पारित किया है। महाराष्ट्र में भी एक अलग कानून है। हालांकि केंद्र का नया कानून सख्त है। इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया अगले 2 सप्ताह में पूरी हो जानी चाहिए।

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10 साल की सजा का प्रावधान

केंद्र ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन रिसर्च एक्ट, 2026 लाया है। इस नए कानून में 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रावधान है।

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