

Maharashtra Sugarcane Crushing Season: त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने इस साल गन्ना पेराई सत्र 15 अक्टूबर से शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
आमतौर पर राज्य में पेराई सत्र नवंबर के आसपास शुरू होता है, लेकिन इस बार इसे करीब एक महीने पहले शुरू करने की तैयारी है।
सह्याद्री अतिथिगृह में हुई बैठक में सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटिल, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और चीनी मिलों के संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में त्योहारी सीजन के दौरान चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर चर्चा हुई। पिछले पेराई सत्र में चीनी उत्पादन में कमी के बाद बाजार में कीमतों में तेजी आने की बात सामने आई थी। अगस्त में खुदरा बाजार में चीनी के दाम 70 से 75 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के बाद नवरात्र, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। इन त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में सरकार के सामने बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के साथ कीमतों को नियंत्रित करने की चुनौती है।
सरकार का मानना है कि पेराई सत्र जल्दी शुरू होने से बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे त्योहारी सीजन में आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने का प्रयास किया जा सकेगा।
महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले को लेकर कुछ चीनी मिल संचालकों और किसानों की ओर से विरोध की बात सामने आई है। उनका कहना है कि अक्टूबर में पेराई शुरू करने से किसानों और मिलों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
मिल संचालकों और किसानों की चिंताओं के बीच अब सरकार के फैसले के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी। एक ओर सरकार त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों पर नियंत्रण चाहती है, वहीं दूसरी ओर पेराई जल्दी शुरू करने के आर्थिक प्रभाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।