कौशल्य विकास से मिलेंगे लाखों रोजगार के अवसर, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने जताया विश्वास

Mangalprabhat Lodha: महाराष्ट्र के कौशल्य विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने घोषणा की कि राज्य में नई योजनाओं, महाफंड स्कीम और वैश्विक निवेश के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
आईटीआई सुधार, Maharashtra skill development
Mangalprabhat Lodha (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Maharashtra Skill Development: महाराष्ट्र के कौशल्य विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मंगलवार को विधान परिषद में घोषणा की कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। विधायक सत्यजीत तांबे और विक्रांत पाटील द्वारा उठाए गए रोजगार के प्रश्न पर मंत्री लोढ़ा ने विस्तृत जवाब दिया।

मंत्री लोढ़ा ने बताया कि एशियाई विकास बैंक ने ₹4200 करोड़ और विश्व बैंक ने ₹1400 करोड़ की राशि कौशल्य विकास के लिए मंजूर की है। इस राशि से राज्य की आईटीआई संस्थाओं का पुनर्निर्माण किया जाएगा और रोजगार विनिमय (एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज) को अधिक सक्षम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अगले दो वर्षों में व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में व्यापक बदलाव किए जाएंगे।

युवाओं के लिए छह सूत्रीय कार्यक्रम

मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना के लाभार्थियों के लिए सरकार ने छह सूत्रीय कार्यक्रम तैयार किया है। इसमें आईटीआई के अल्पकालीन पाठ्यक्रमों में 10% आरक्षण, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 10% प्राथमिकता, उद्योग विभाग को प्रशिक्षित युवाओं की सूची नियमित रूप से उपलब्ध कराना, महास्वयं पोर्टल पर ‘मैच मेकिंग पोर्टल’ की सुविधा, रोजगार मेलों में विशेष व्यवस्था और निजी कंपनियों की जरूरत के अनुसार विशेष प्रशिक्षण शामिल हैं।

मुख्यमंत्री महाफंड योजना

अप्रैल से शुरू होने वाली महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महाफंड योजना के तहत 30 लाख युवाओं को ऑनलाइन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। इनमें से 5 लाख युवाओं का अगले चरण के लिए चयन होगा और 1 लाख युवाओं को ₹5 लाख तक का कर्ज दिया जाएगा, जिसका आधा ब्याज सरकार वहन करेगी। सफल स्टार्टअप्स को ₹25 लाख तक की तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।

विदेशों में भी रोजगार के अवसर

सरकार युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए पारदर्शी तंत्र विकसित करेगी। मुंबई के स्वामी विवेकानंद प्रबोधिनी केंद्र सहित राज्य के छह स्थानों पर जर्मन, फ्रेंच और अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। दावोस में हुए ₹30 लाख करोड़ के निवेश समझौतों से 40 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ महाराष्ट्र के कुशल युवाओं को मिलेगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com