

दशहरे के बाद शिंदे मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज।
संजय शिरसाट, दादा भुसे, संजय राठोड और गुलाबराव पाटील के नाम चर्चा में।
योगेश कदम और आशीष जायसवाल को कैबिनेट मंत्री पद मिलने की संभावना।
Maharashtra Cabinet Reshuffle Update: महाराष्ट्र की राजनीति में दशहरे के बाद मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार और पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ युवा विधायकों को अवसर देने के उद्देश्य से कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राज्य की राजनीति में युवा नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
चर्चा है कि शिंदे पुराने और अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों की जगह युवा, सक्रिय और अध्ययनशील विधायकों को जिम्मेदारी दे सकते हैं। इससे पार्टी संगठन में नई ऊर्जा लाने और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। खासकर सूखा प्रभावित क्षेत्रों में मंत्रियों की सक्रियता को लेकर नाराजगी जताए जाने की बात सामने आई है। हाल ही में हुई एक बैठक में उन्होंने संबंधित मंत्रियों के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया था।
साथ ही सभी मंत्रियों को सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करने और अपने ढाई साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 10 दिनों की समयसीमा तय किए जाने की जानकारी है।
मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर संजय शिरसाट, दादा भुसे, संजय राठोड और गुलाबराव पाटील के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के हवाले से इन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन नेताओं को हटाने के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर, बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्य मंत्रियों योगेश कदम और आशीष जायसवाल को कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नति मिलने की अटकलें हैं। यदि फेरबदल होता है, तो इससे मंत्रिमंडल की संरचना में बदलाव के साथ पार्टी के भीतर जिम्मेदारियों का नया बंटवारा भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल, संभावित बदलावों पर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं और अंतिम फैसला नेतृत्व की ओर से लिया जाएगा।