मराठा आरक्षण से ओबीसी नाराज…डैमेज कंट्रोल में जुटे CM फडणवीस, भुजबल से खुद की बात
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण पर एक नई रार छिड़ती नजर आ रही है। मराठाओं को आरक्षण देने के लिए जो जीआर निकाला गया है, उससे छगन भुजबल नाराज हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
CM फडणवीस, छगन भुजबल (Image- Social Media)
Maratha Reservation: मराठा आरक्षण जीआर से ओबीसी पर असर नहीं पड़ेगा : फडणवीस मुंबई, चार सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन के बाद आरक्षण पर उनकी सरकार के कदम से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को किसी भी तरह के अन्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा।
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठा समुदाय के सदस्यों को उनकी कुनबी विरासत के ऐतिहासिक साक्ष्य के साथ कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा के बाद मंगलवार को जरांगे ने यहां आजाद मैदान में अपना पांच दिवसीय अनशन समाप्त कर दिया था। मराठा समुदाय को राज्य में ओबीसी के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
OBC के साथ कोई अन्याय नहीं होगा
फडणवीस ने कहा, ‘‘हैदराबाद गजट के कार्यान्वयन के संबंध में जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के कारण अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मंत्रिमंडल के अपने सहयोगी एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल से बात की है, जिन्होंने बुधवार को पात्र मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने में तेजी लाने के लिए जारी किए गए जीआर पर खुले तौर पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
सम्बंधित ख़बरें
संसद में अभिषेक बनर्जी दे रहे थे भाषण, पीछे बैठकर जोर-जोर से हंसने लगीं महुआ मोइत्रा! VIDEO हुआ वायरल
नागपुर की बदहाली पर कोई सवाल न उठाए नहीं तो… रोहित पवार का तंज, बोले- लगेगा भाड़े के टट्टू का टैग
Ex Agniveer Agnipath Recruitment: CAPF में पूर्व अग्निवीरों के लिए 50% पद आरक्षित, आयु सीमा में भी छूट का ऐलान
राज्यसभा में पास हुआ वंदे मातरम बिल, अपमान करने पर मिलेगी 3 साल की सजा
फडणवीस ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि सरकारी आदेश से ओबीसी कोटा प्रभावित नहीं होगा। केवल उन पात्र मराठों को ही जाति प्रमाण पत्र दिया जायेगा, जिनके पास कुनबी वंश का वैध प्रमाण होगा, सभी मराठों को नहीं।” फडणवीस ने कहा कि भुजबल को आश्वस्त किया जायेगा कि ओबीसी के हितों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मराठा आरक्षण पर कानूनी लड़ाई की तैयारी
इससे पहले भुजबल ने कहा था कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री फडणवीस मराठा समाज को लेकर ऐसा निर्णय लेंगे। वे इस फैसले को अदालत में चुनौती देंगे और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और कैबिनेट उप-समिति ने आरक्षण का निर्णय लेने से पहले न तो कैबिनेट को विश्वास में लिया और न ही ओबीसी समाज से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उप-समिति और मुख्यमंत्री ऐसा कदम उठाएंगे।
यह भी पढ़ें- राहुल गांधी ने बिगाड़ा तेजस्वी का खेल! शिवसेना नेता बोले- NDA के पक्ष में दिख रहा बिहार चुनाव
राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ का कहना है कि फडणवीस सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देकर ओबीसी समुदाय के साथ विश्वासघात किया है। वे नहीं चाहते थे कि मराठों को ओबीसी कोटे से आरक्षण मिले। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि वे इस निर्णय के खिलाफ अदालत से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेंगे। – एजेंसी इनपुट के साथ
