महाराष्ट्र पुलिस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा: दौड़ में RFID चिप बदलकर सिस्टम को दिया चकमा, दो गिरफ्तार

Marol Police Training Center में महाराष्ट्र पुलिस भर्ती के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। दो उम्मीदवारों ने दौड़ के समय RFID चिप बदलकर सिस्टम को चकमा देने की कोशिश की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Police Bharti Fraud: महाराष्ट्र पुलिस भर्ती 2024-2025 के दौरान तकनीकि छेड़छाड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंधेरी-पूर्व के मरोल पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में शारीरिक परीक्षण के दौरान दो उम्मीदवारों ने दौड़ के समय में अपनी इलेक्ट्रॉनिक चिप्स आपस में बदल लीं।

पुलिस ने इस मामले में छत्रपति संभाजीनगर निवासी आकाश दिवांडे (26) और रितेश दुमाले (21) को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए प्रत्येक उम्मीदवार के पैर में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) चिप बांधी जाती है।

यह चिप दौड़ शुरू करने और खत्म करने के समय को सटीक रूप से रिकॉर्ड करती है। जांच में सामने आया कि रितेश दुमाले दौड़ने में कमजोर था, इसलिए उसने अपने साथी आकाश दिवांडे के साथ मिलकर योजना बनाई। उन्होंने अपनी चिप्स आपस में बदल ली, ताकि तेज दौड़ने वाला आकाश, रितेश के नाम की चिप पहनकर दौड़े और उसका बेहतर समय रितेश के खाते में दर्ज हो जाए।

सिस्टम को दिया चकमा

आकाश ने रितेश की चिप पहनकर दौड़ पूरी की। रितेश को 1600 मीटर की दौड़ में 8 अंक मिले। लेकिन 100 मीटर की दौड़ में उसे 4 अंक प्राप्त हुए। रितेश खुद 100 मीटर की दौड़ में शामिल नहीं हुआ था, फिर भी उसकी चिप ने फिनिश लाइन पार की और सिस्टम ने उसे उत्तीर्ण घोषित कर दिया।

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब उम्मीदवारों के चेस्ट नंबर और चिप्स का अंतिम मिलान किया जा रहा था। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को रितेश की चिप स्कैन करते समय विसंगति एहसास हुआ। जब अधिकारियों ने मैदान पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो दोनों आरोपी चिप्स की अदला-बदली करते हुए साफ नजर आए।

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