

Maharashtra Legislative Council Election: विधान परिषद की 5 सीटों के चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर महाभारत छिड़ गई है। जहां सत्तारूढ़ महायुति में सीट बंटवारे को लेकर विवाद की चिंगारी भड़की है, वहीं विपक्षी दल महाविकास आघाड़ी में भी बिगाड़ी के सुर सुनाई दे रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी ने सीट बंटवारे और आपसी तालमेल को लेकर कांग्रेस के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। सत्तारूढ़ महायुति में डीसीएम एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना ने पुणे शिक्षक सीट पर अपना दावा ठोंका है जबकि यह सीट बीजेपी के पास चली गई है।
इस सीट से बीजेपी की ओर से कौस्तुभगावड़े का नाम आगे चल रहा है। बीजेपी के खाते में पुणे और नागपुर स्नातक सीट भी आई है। शिंदे गुट के कोटे में अमरावती शिक्षक और एनसीपी के खाते में औरंगाबाद स्नातक सीट गई है।
पुणे शिक्षक सीट न मिलने से नाराज शिंदे गुट बगावत के मूड में है। डीसीएम शिंदे के विश्वासपात्र मंगेश चिवटे अपना नामांकन पत्र भरने की तैयारी में हैं।
इधर सुनेत्रा पवार की एनसीपी भी पुणे की सीट न मिलने से नाराज है। कई स्थानीय इच्छुक नेता बगावत कर नामांकन भरने की तैयारी कर रहे हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर तीनों सीटों से 15 संभावित उम्मीदवारों की सूची सौंपी है।
एक सीट के लिए 3 संभावित उम्मीदवारों का नाम है। बीजेपी नेताओं ने स्पष्ट किया है कि शिवसेना और राकां के असंतुष्ट उम्मीदवारों को उनके वरिष्ठों द्वारा मित्र धर्म का पालन करते हुए समझाया जाएगा।
कांग्रेस ने नागपुर संभाग की स्नातक सीट से अभिजीत वंजारी, पुणे संभाग की शिक्षक सीट से जयंत आसगावकर और अमरावती संभाग की शिक्षक सीट से अदिति पोहोरे को उम्मीदवार घोषित किया है। वंजारी और आसगावकर को फिर मौका दिया गया है।
इससे ठाकरे सेना और एसपी नाराज है, आघाड़ी में बढ़ती तनातनी को देखते हुए शनिवार को तीनों दलों के नेताओं की मुंबई शहर में बैठक हुई। इस बैठक में सीट बंटवारे को लेकर विस्तृत बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं हो सका।
विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव ने महाराष्ट्र की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ महायुति को अपने सहयोगी दलों के असंतुष्ट नेताओं को मनाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ MVA के सामने आपसी तालमेल कायम रखने की मुश्किल बढ़ गई है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।