फर्जी किसान बनकर जमीन खरीदने वालों पर सख्ती, मिशनरी भूमि और कृषि जमीन सौदों की जांच करेगी महाराष्ट्र सरकार

Maharashtra Missionary Land Probe: महाराष्ट्र में ईसाई मिशनरियों की जमीनों की 3 महीने में जांच होगी। राजस्व मंत्री ने कहा कि गैर-किसानों की जमीन खरीद पर रोक लगेगी और धुले मामले की पुलिस जांच होगी।
Maharashtra Govt orders a high-level probe into Christian missionary lands. Revenue Minister announced stricter checks on agricultural land buyers and fake farmers.
राजस्व मंत्री बावनकुले (फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Maharashtra Missionary Land Probe Chandrashekhar Bawankule: महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में ईसाई मिशनरियों के नाम पर दर्ज जमीनों की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में बताया कि आगामी तीन महीनों के भीतर जमाबंदी आयुक्त के माध्यम से यह जांच पूरी की जाएगी। उन्होंने विधायक देवयानी फरांदे के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। बावनकुले ने कहा कि विशेष रूप से नाशिक जिले में ईसाई मिशनरियों के कब्जे वाली जमीनों के सभी रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

मामले की गहन जांच के लिए संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जमाबंदी आयुक्त कार्यालय, पुलिस विभाग और पंजीयन महानिरीक्षक कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जिन जमीनों पर वर्तमान में आवासीय बस्तियां या सरकारी निर्माण हैं, उनका अलग से परीक्षण किया जाएगा, जबकि अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गैर-किसानों द्वारा कृषि भूमि खरीदने पर सरकार सख्त

महाराष्ट्र के प्रचलित भूमि कानून के अनुसार कृषि भूमि खरीदने के लिए खरीदार का किसान होना अनिवार्य है। इसके बावजूद गैर-किसानों द्वारा जमीन खरीदने के कई मामले सामने आए हैं। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने भी सदन में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मोपा हवाई अड्डे के आसपास भी राज्य के बाहर के कई लोगों ने कथित रूप से अवैध तरीके से जमीन खरीदी है। चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि राज्य के बाहर के ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने किसान न होते हुए भी कृषि भूमि खरीदी है। इसके लिए जमाबंदी आयुक्त कार्यालय सभी आवश्यक जानकारी एकत्र कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अब राज्य में किसी भी नई कृषि भूमि के पंजीकरण से पहले यह जांच की जाएगी कि संबंधित व्यक्ति के नाम महाराष्ट्र में कहीं सातबारा (भूमि रिकॉर्ड) दर्ज है या नहीं। इसके लिए स्टांप एवं उप-पंजीयक अधिकारियों को आवश्यक डेटा एक्सेस उपलब्ध करा दिया गया है। मंत्री ने विश्वास जताया कि इस नई व्यवस्था से फर्जी किसान बनकर जमीन खरीदने वालों पर प्रभावी रोक लगेगी।

धुलिया में अवैध जमीन खरीद की होगी पुलिस जांच

धुले जिले में बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा कथित रूप से नियमों के विरुद्ध कृषि भूमि खरीदने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। भाजपा विधायक अनुप अग्रवाल ने विधानसभा में आरोप लगाया कि इन जमीनों की खरीद के लिए विदेश से धन उपलब्ध कराया गया। इस पर राजस्व मंत्री ने घोषणा की कि पूरे मामले की जांच सीधे धुले के पुलिस अधीक्षक की निगरानी में कराई जाएगी। साथ ही संभागीय आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष उच्चस्तरीय समिति भी मामले की जांच करेगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com