

Maharashtra Mayor Council Meeting Mumbai: लंबे समय के बाद महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव संपन्न हुए हैं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनसेवा शुरू हो गई है।
ऐसी स्थिति में जनता की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी महापौरों पर अधिक जिम्मेदारी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र महापौर परिषद के माध्यम से सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रयास किए जाएंगे, ऐसा आश्वासन महापौर रितू तावड़े ने दिया।
महाराष्ट्र महापौर परिषद की 23वीं बैठक मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) में परिषद की पदसिद्ध अध्यक्ष तथा मुंबई की महापौर रितू तावड़े की अध्यक्षता में रविवार को संपन्न हुई।
इस बैठक में मुंबई की महापौर रितू तावड़े के साथ नागपुर की महापौर नीता ठाकरे, ठाणे की महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, मीरा-भाईंदर की महापौर डिंपल मेहता, वसई-विरार के महापौर अजीव पाटील, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील, कल्याण-डोंबिवली की महापौर हर्षाली चौधरी-थवील, भिवंडी-निजामपुर के महापौर नारायण चौधरी, धुले शहर की महापौर मायादेवी परदेशी, अमरावती के महापौर श्रीचंद तेजवानी, इचलकरंजी के महापौर उदय धातुंडे, कोल्हापुर की महापौर रुपाराणी निकम, जालना शहर की महापौर वंदना मगरे, परभणी के महापौर सैय्यद इकबाल, नांदेड़-वाघाला महानगरपालिका की महापौर कविता मुले सहित अन्य महापौर उपस्थित थे।
इस परिषद के पदसिद्ध अध्यक्ष मुंबई के महापौर होते हैं, जबकि उपाध्यक्ष का चयन किया जाता है। नागपुर की महापौर नीता ठाकरे को परिषद का उपाध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना गया। कार्याध्यक्ष रणजीत चव्हाण ने प्रस्तावना में बताया कि राज्य के महापौरों को उनका अधिकारिक मंच उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2012 में महाराष्ट्र महापौर परिषद की स्थापना की गई।