

Maharashtra Marathi Language Rule Update: महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर महयुति सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित एक बैठक में साफ चेतावनी दी है कि 15 अगस्त 2026 तक गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों को व्यावहारिक मराठी सीखनी ही होगी, अन्यथा 16 अगस्त से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सरकार राज्यभर में मराठी प्रशिक्षण केंद्र खोलने जा रही है, जहां मुफ्त ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेस के जरिए चालकों को मराठी सिखाई जाएगी। इसके लिए विशेष पाठ्यक्रम, उपकेंद्र, जनजागरण अभियान और प्रमाणपत्र व्यवस्था भी तैयार की गई है।
मंत्रालय में आयोजित बैठक में मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए परिवहन विभाग, कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के माध्यम से राज्यभर में मराठी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
रिक्शा यूनियनों और शिवसेना शाखाओं के स्थानों पर भी 15 अगस्त तक ये केंद्र संचालित रहेंगे। चालकों से ऑनलाइन अथवा नजदीकी केंद्रों में जाकर प्रशिक्षण लेने की अपील की गई है। प्रशिक्षण के लिए लगभग चार हजार शिक्षक शामिल किए जाएंगे। हर महीने के 4 शनिवार और रविवार को चालकों की सुविधा के अनुसार कम से कम 4 घंटे का पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कुछ शिक्षक बिना मानधन के सेवा देंगे, जबकि कुछ को प्रति घंटा 1 हजार रुपए मानधन दिया जाएगा। मानधन के लिए मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने दो करोड़ रुपए की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। शेष खर्च परिवहन विभाग वहन करेगा।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चालकों को परिवहन विभाग की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा, मौखिक परीक्षा के माध्यम से उनकी व्यावहारिक क्षमता का परीक्षण किया जाएगा, मंगलवार को रिक्शा टैक्सी चालकों की बैठक आयोजित की जाएगी। चालकों को निःशुल्क ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रशिक्षण लेने का आग्रह किया गया है।
चित्रों और सरल भाषा वाली पाठ्यक्रम पुस्तिका तैयार की गई है। प्रत्येक केंद्र के अंतर्गत उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। रिक्शा-टैक्सी, ओला-उबर और रेपिडो के वाहनों पर मराठी भाषा संबंधी जनजागरण स्टिकर्स लगाए जाएंगे। मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष बैनर तैयार किए जा रहे हैं।