महाराष्ट्र में 15 दिन में होगी जमीन नापजोख, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की बड़ी घोषणा
Chandrashekhar Bawankule ने विधानसभा में घोषणा की कि महाराष्ट्र में अगले दो वर्षों में जमीन की नापजोख 15 दिनों में पूरी करने की व्यवस्था लाई जाएगी।निजी संस्थाओं को लाइसेंस देकर प्रक्रिया तेज की जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
चंद्रशेखर बावनकुले (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Land Survey: राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में अगले 2 सालों में जमीन की नापजोख केवल 15 दिनों में पूरी होनी चाहिए, ऐसी व्यवस्था लाने की योजना सरकार बना रही है।
पहले नापजोख प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही रजिस्ट्रेशन होगा और इस दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। जल्द ही राज्य में लाइसेंस प्राप्त निजी भूमापन संस्थाओं के जरिए नापजोख शुरू होगी। यह जानकारी चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में विधायक श्वेता महाले के सवाल के जवाब में दिया।
मंत्री बावनकुले ने कहा कि राज्य में जमीन नापजोख की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आ रहा है। विधायक श्वेता महाले ने बताया कि पगडंडी रास्तों की नापजोख और 7/12 अपडेट बहुत श्रीमी गति से हो रही है, रोजगार सेवकों को वेतन नहीं मिल रहा।
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जवाब में मंत्री ने बताया कि पगडंडी रास्तों का सीमांकन और 7/12 में किसानों की भूमि के पंजीकरण के लिए शासन निर्णय जारी किया गया है। ग्राम स्तर पर सूची तैयार करना और भूमि अभिलेख विभाग के जरिए सीमांकन के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर समितियां बनाई गई हैं।
अब विधायक की बजाय प्रांत अधिकारी और भूमी अभिलेख अभियंता इसकी जिम्मेदारी लेंगे। अब तक 65,000 पंजीकरण पूरे किए गए हैं। खेत रास्तों के 7,000 मामलों में फैसला हुआ। 32,000 किसानों ने सीमांकन करवाया। कुल 97,000 पगडंडी रास्तों को सकितिक क्रमांक दिए गए। राज्य के सभी रास्तों का सीमांकन होगा। रोजगार सेवकों के वेतन का मुद्दा जल्द रोजगार मंत्री के साथ बैठक कर सुलझाया जाएगा।
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29 करोड़ का दंड वसूल किया जाएगा
विधायक महाले ने तालाब में बिना परमिशन गौण खनिज उत्खनन और अवैध परिवहन पर सवाल उठाया। दंड लगता है लेकिन वसूल नहीं होता, जबकि किसानों पर छोटी-मोटी गलती पर कार्रवाई हो जाती है। इसपर मंत्री बावनकुले ने जवाब दिया कि इस मामले में एसआईटी गठित की गई है। एक महीने में रिपोर्ट आएगी और शासन को सुझाव दिए जाएंगे। बिना परमिशन काम, रॉयल्टी न देने जैसे कई नियम तोड़े गए। ठेकेदारों के 40 करोड़ का बिल बाकी है, जिसमें से 29 करोड़ का दंड वसूल किया जाएगा।
