HSRP Deadline: जल्द लगवा लें HSRP नंबर प्लेट, मंत्री प्रताप सरनाईक ने किया नई डेडलाइन का ऐलान, जानें नई तारीख

HSRP Update: महाराष्ट्र सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से पुराने वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दी है। जानें परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने क्या कहा।
Maharashtra HSRP Deadline Extended Till June
प्रताप सरनाईक (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Maharashtra HSRP Deadline Extended: महाराष्ट्र के लाखों वाहन मालिकों के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाने की अंतिम तिथि को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। नए आदेश के मुताबिक, 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों के लिए HSRP लगवाने की समय सीमा को बढ़ाकर अब 30 जून 2026 कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से उन वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है जो तय समय में इसे नहीं लगवा पाए थे।

धीमी रफ्तार के कारण लिया गया फैसला

दरअसल, इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने इस अनिवार्य सुरक्षा उपाय को पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2025 की समय सीमा तय की थी। लेकिन हाल ही में जब परिवहन विभाग ने राज्य भर में HSRP स्थापना की प्रगति की समीक्षा की, तो सामने आया कि अब भी लाखों पुराने वाहनों में यह डिजिटल नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। आरटीओ (RTO) कार्यालयों और अधिकृत डीलरों के पास बढ़ती भीड़ और भारी संख्या में लंबित आवेदनों को देखते हुए प्रशासन ने डेडलाइन बढ़ाने का निर्णय लिया।

परिवहन मंत्री ने बताई इसकी अहमियत

राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को इस विस्तार की घोषणा करते हुए कहा, समय सीमा बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य वाहन मालिकों को होने वाली असुविधा से बचाना है, ताकि हर कोई बिना किसी जल्दबाजी के इस सुरक्षा प्रणाली को अपना सके। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि लोग अंतिम तारीख का इंतजार करें।

मंत्री सरनाईक ने HSRP की उपयोगिता पर जोर देते हुए आगे कहा, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट केवल एक नियम नहीं, बल्कि वाहन चोरी रोकने, फर्जी नंबर प्लेटों के इस्तेमाल पर लगाम लगाने और आपराधिक गतिविधियों में वाहनों के दुरुपयोग को रोकने का एक बेहद महत्वपूर्ण और अचूक जरिया है।

क्या है HSRP और क्यों है जरूरी?

HSRP एक एल्युमीनियम की बनी नंबर प्लेट होती है, जिसे वाहन पर एक बार फिक्स करने के बाद आसानी से निकाला या बदला नहीं जा सकता। इस पर एक क्रोमियम आधारित होलोग्राम और लेजर-ब्रांडेड 10-अंकों का पिन (PIN) होता है, जो सीधे सरकार के केंद्रीय वाहन डेटाबेस से जुड़ा होता है। 1 अप्रैल 2019 के बाद आने वाले सभी नए वाहनों में यह कंपनी की तरफ से ही लगकर आती है, लेकिन पुराने वाहनों के लिए इसे अलग से बुक करना अनिवार्य किया गया है।

नियम का उल्लंघन करने पर आने वाले दिनों में भारी चालान का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सरकार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे इस विस्तारित समय का लाभ उठाकर जल्द से जल्द अपने वाहनों पर HSRP लगवा लें।

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