MP-MLA आएं तो उठकर स्वागत करें! महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों के लिए जारी किया नया फरमान
Maharashtra News : महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए है। इसमें कहा गया है कि वे विधायकों और सांसदों से मिलते समय अपनी सीट से उठें, ध्यान से उनकी बात सुने।
- Written By: आकाश मसने
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Government Guidelines For Officers: महाराष्ट्र सरकार ने सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव राजेश कुमार द्वारा जारी सरकारी परिपत्र (जीआर) में कहा गया है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों (सांसदों-विधायकों) को उचित सम्मान देना प्रशासन की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है।
महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को अपने अधिकारियों के लिए कुछ नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश विधायकों और सांसदों के साथ उचित सम्मानजनक व्यवहार से संबंधित हैं। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार द्वारा एक सरकारी परिपत्र (जीआर) जारी किया गया है। जीआर की प्रस्तावना में सरकार ने कहा है कि वह सुशासन, पारदर्शिता और दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।
अधिकारियों के लिए अनिवार्य व्यवहार नियम
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को कुछ विशेष व्यवहार सुनिश्चित करने होंगे:
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- सीट से उठना: जब भी कोई विधायक या सांसद उनके कार्यालय में प्रवेश करता है या बाहर निकलता है, तो अधिकारियों को अपनी सीट से उठना होगा।
- पूरे शिष्टाचार से पेश आना: अधिकारियों को उनके साथ पूरे शिष्टाचार से पेश आना होगा।
- ध्यान से सुनना: आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों को विधायकों और सांसदों के दौरे के दौरान उनकी बात ध्यान से सुननी चाहिए।
- सहायता प्रदान करना: उन्हें नियमानुसार सहायता प्रदान करनी चाहिए।
- विनम्र भाषा: अधिकारियों को फोन कॉल पर भी विनम्र भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
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जारी करने का कारण और चेतावनी
यह नया जीआर कई पुराने परिपत्रों को एक साथ लाता है और उन्हें स्पष्ट एवं सुदृढ़ निर्देशों के साथ अद्यतन करता है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि हाल ही में सत्तारूढ़ दलों सहित कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अधिकारियों द्वारा उनसे मिलने और उनकी चिंताओं या मुद्दों को हल करने के लिए समय न देने पर नाराजगी व्यक्त की थी।
जीआर में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव राजेश कुमार द्वारा जारी इस सरकारी परिपत्र में कहा गया है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों (सांसदों-विधायकों) को उचित सम्मान देना प्रशासन को अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने का एक महत्वपूर्ण पक्ष है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
