अब 21 श्रेणियों के दिव्यांगों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

Tukaram Mundhe Announcement: महाराष्ट्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 के तहत निर्धारित सभी 21 श्रेणियों के दिव्यांग नागरिकों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और अनुदान की घोषणा की।
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Maharashtra disability schemes (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Divyang Empowerment Department Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत निर्धारित सभी 21 श्रेणियों के दिव्यांग व्यक्तियों को अब राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, छूट, सब्सिडी और अनुदान के लिए पात्र माना जाएगा। दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करते हुए बताया कि यह कदम दिव्यांग नागरिकों के समावेशी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

सचिव तुकाराम मुंढे के अनुसार, पूर्व में 1995 के पुराने अधिनियम के कारण केवल 7 श्रेणियों के दिव्यांगों को ही सरकारी लाभ मिल पा रहे थे। लेकिन 2016 में नया कानून लागू होने के बाद भी कई सरकारी कार्यालयों में पुराने मानकों के आधार पर ही प्रक्रिया चल रही थी। इससे नई श्रेणियों में शामिल दिव्यांगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब शासन ने एक स्पष्ट और समावेशी नीति अपनाते हुए सभी 21 श्रेणियों को मुख्यधारा में शामिल कर लिया है।

इन श्रेणियों के नागरिकों को होगा फायदा

इस निर्णय के तहत अब अस्थि विच्छेदन (लोकोमोटर डिसेबिलिटी), कुष्ठरोग मुक्त, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, एसिड अटैक पीड़ित, अंधापन, कम दृष्टि, बहरापन, बौद्धिक अक्षमता, ऑटिज्म, मानसिक बीमारी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसंस, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल जैसे सभी 21 प्रकार के दिव्यांगों को लाभ मिलेगा।

लाभ के लिए पात्रता और शर्तें

योजनाओं का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी के पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित वैध वैश्विक दिव्यांग पहचान पत्र (यूडीआईडी) होना अनिवार्य है। साथ ही, दिव्यांगता का स्तर कम से कम 40 प्रतिशत या उससे अधिक होना चाहिए। शासन ने स्पष्ट किया है कि केवल स्थायी दिव्यांगता प्रमाणपत्र धारकों को ही इन सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा; अस्थायी प्रमाणपत्र धारक इसके पात्र नहीं होंगे।

विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का मार्ग प्रशस्त

इस निर्णय से अब दिव्यांगों के लिए आवास योजना, विभिन्न छात्रवृत्तियां, विवाह योजना, स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता, उपकरणों की खरीद के लिए अनुदान और बीज पूंजी योजना जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

तुकाराम मुंढे ने निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्रालय, स्थानीय निकाय और निगम इस निर्णय को तत्काल लागू करें और आवश्यकतानुसार नई योजनाओं के लिए शासन निर्णय जारी करें। यह आदेश अब महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

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