Maharashtra Tukaram Mundhe School Food Safety: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने नागरिकों से खान-पान के मामले में भी स्वतंत्र और जागरूक सोच अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का दायरा भोजन के चुनाव तक भी होना चाहिए। लोगों को केवल स्वाद के आधार पर नहीं, बल्कि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन चुनने की आजादी होनी चाहिए।
FDA आयुक्त ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भोजन चुनते समय सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। इसी सोच के तहत FDA ने स्कूलों में बच्चों के लिए फास्ट फूड के बजाय पौष्टिक विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
FDA के अनुसार, मुंबई समेत महाराष्ट्र के करीब 300 स्कूलों में खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इन प्रशिक्षण सत्रों में विद्यालय पोषण समितियों को बच्चों की उम्र के अनुसार आहार संबंधी जरूरतों, पौष्टिक खाद्य स्रोतों और संतुलित भोजन की जानकारी दी जा रही है।
स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड और अतिरिक्त चीनी व नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक के बाद FDA ने जागरूकता अभियान तेज किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए स्कूल प्रशासन और संबंधित समितियों को नियमों के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर अस्वास्थ्यकर भोजन के प्रभावों की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण में भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी भी दी जा रही है। FDA के वरिष्ठ अधिकारी इन प्रशिक्षण सत्रों का संचालन कर रहे हैं, ताकि स्कूल स्तर पर खाद्य सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में FDA ने खाद्य प्रतिष्ठानों और विभिन्न संस्थानों के खिलाफ जांच और छापेमारी तेज की है। विभाग का जोर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी पर है। FDA की कार्रवाई का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के साथ खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।