

Maharashtra FDA Loose Edible Oil Ban Rule: बिना पैकिंग के खाद्यतेल की बिक्री पर महाराष्ट्र में नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। एफडीए ने सख्त अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि सीलबंद, सुरक्षित और पूरी तरह लेबलयुक्त पैक में खाद्यतेल बेचने का नियम पहले से लागू है। यह प्रावधान वर्ष 2022 से पूरे देश में प्रभावी है।
महाराष्ट्र में भी वर्ष 2020 तक मिली छूट समाप्त हो चुकी है। इसके बाद नियमों का पालन अनिवार्य था। अब एफडीए प्रशासन ने मौजूदा नियमों के प्रभावी और समान क्रियान्वयन के लिए राज्यव्यापी अनुपालन आदेश जारी किया है। निर्माता या अधिकृत पैकर द्वारा सीलबंद, छेड़छाड़-रोधी और पूरी तरह लेबलयुक्त मूल पैक में उपलब्ध न कराया गया तेल खुला खाद्यतेल है।
ड्रम, टैंक, कैन या टैंकर से ग्राहक की बोतल में तेल भरना, मूल सील तोड़कर छोटे पात्र में भरना, निर्माता, बैच, तारीख या बेस्ट बिफोर की जानकारी के बिना बिक्री करना इसी श्रेणी में आता है। ऐसे तेल में महंगे तेल में सस्ता तेल मिलाने, एक तेल के नाम पर दूसरा तेल बेचने और खराब या दोबारा इस्तेमाल किए गए तेल को ताजे तेल में मिलाने का खतरा रहता है।
महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई जारी है। अब एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित परिसर में कार्रवाई की गई है। एफडीए ने एमसीए परिसर में संचालित पांच खाद्य प्रतिष्ठानों के फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिए हैं। जांच के दौरान इन आउटलेट्स में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन पाया गया।
नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए सोमवार को एफडीए ने राज्यभर में 37 होटलों, रेस्टोरेंट और ढाबों पर छापेमारी कर जांच की।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों की अनदेखी सामने आने पर 31 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर खामियां पाए जाने पर चार प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। कार्रवाई में मुख्य रूप से साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही सामने आई।